आगरा को मिला पहला हाईटेक ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, अब सेंसर ट्रैक पर पास करना होगा लाइसेंस टेस्ट
आगरा। शहरवासियों के लिए एक बड़ी सौगात के रूप में आगरा को पहला ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर और इंस्टीट्यूट मिल गया है। अरतौनी, सिकंदरा में स्थित वरदान प्रत्यायन प्रशिक्षण एवं प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन मंडलायुक्त शैलेन्द्र कुमार सिंह ने किया।
यह सेंटर तकनीकी रूप से इतना उन्नत है कि यहां से ट्रेनिंग प्राप्त व्यक्ति को लाइसेंस की प्रक्रिया बेहद सरल और पारदर्शी तरीके से पूरी करनी होगी।
इस मौके पर पुलिस उपमहानिरीक्षक शैलेश कुमार पांडेय, डीटीसी मयंक ज्योति, आरटीओ प्रशासन अरुण कुमार, प्रवर्तन आरटीओ अनिल कुमार सिंह, एआरटीओ नानक चन्द, ललित कुमार, आलोक कुमार, पीटीओ शिव कुमार मिश्र, अमित वर्मा, शारदा कुमार मिश्रा समेत तमाम अधिकारी मौजूद रहे।
सेंसरयुक्त ट्रैक, चार स्टेप का टेस्ट
इस इंस्टीट्यूट में सेंसर युक्त ऑटोमेटेड ट्रैफिक ट्रैक तैयार किया गया है। लाइसेंस के लिए आवेदकों को चार चरणों में परीक्षा देनी होगी। ये चार चरण होंगे- पैरेलल पार्किंग टेस्ट, ओवरब्रिज (प्रेडियेंट) टेस्ट, 8 शेप में ड्राइविंग और S शेप में बैक ड्राइविंग।
ये सभी टेस्ट 60 सेंसर युक्त कैमरों की निगरानी में लिए जाएंगे। इसके अलावा परिसर की सुरक्षा हेतु 16 अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। पूरी प्रक्रिया एआरटीओ/आरआई की निगरानी में होगी।
तकनीकी सुविधाओं से लैस है सेंटर
संजीवन प्रजापति द्वारा दो एकड़ क्षेत्र में तैयार इस सेंटर में आधुनिक ड्राइविंग सिमुलेटर, लर्निंग लैब, वर्कशॉप, क्लासरूम और ट्रैक की व्यवस्था की गई है। यहां मोटरसाइकिल, ई-रिक्शा, कार व ट्रक सहित सभी श्रेणियों के वाहनों के लिए अलग-अलग प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध हैं। सभी प्रशिक्षण प्रशिक्षित टेक्निकल अनुदेशकों की देखरेख में होंगे।
सड़क सुरक्षा की दिशा में बड़ी पहल-मंडलायुक्त
मंडलायुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि यह सेंटर सड़क सुरक्षा और दुर्घटनाओं में कमी लाने की दिशा में एक बड़ी पहल है। आगरा में इसकी जरूरत लंबे समय से थी। अब ड्राइविंग सीखना भी स्मार्ट और सुरक्षित हो गया है।
मण्डलायुक्त ने बताया कि निजी क्षेत्र में संचालित होने वाले 9 प्रत्यायन चालन प्रशिक्षण केंद्र (एडीटीसीएस) गौतमबुद्धनगर, बिजनौर, हरदोई, पीलीभीत, गाजियाबाद, रामपुर, आगरा, सहारनपुर और गाजीपुर में बन रहे हैं। जिले में ट्रैक बनकर तैयार हो गया है। अरतौनी स्थित इस सेंटर में ऑटोमेटेड ड्राइविंग ट्रैक बनाए गए हैं। लोगों को डीएल के लिए सेंसरयुक्त ट्रैफिक ट्रैक पर टेस्ट देना होगा।