राज्यसभा में आगरा की पहली बार होगी तिकड़ी, राम प्रताप सिंह चौहान की एंट्री से बनेगा नया रिकॉर्ड, दशकों तक उच्च सदन में प्रतिनिधित्व से वंचित रहा था आगरा
आगरा। राज्यसभा में लंबे समय तक प्रतिनिधित्व से वंचित रहे आगरा को अब उच्च सदन में पहली बार एक साथ तीन सदस्यों का प्रतिनिधित्व मिलने जा रहा है। भाजपा ने पार्टी के प्रदेश महामंत्री राम प्रताप सिंह चौहान को राज्यसभा चुनाव के लिए प्रत्याशी बनाया है। उनके चुने जाने के साथ ही राज्यसभा में आगरा से तीन सदस्य हो जाएंगे। भाजपा के नवीन जैन और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रामजीलाल सुमन पहले से राज्यसभा सदस्य हैं। आगरा से एक ही समय में दो राज्यसभा सदस्यों की मौजूदगी भी इससे पहले पहली बार हुई थी, अब यह संख्या तीन होने जा रही है।
आजादी के बाद राज्यसभा में आगरा से पहुंचने वाले पहले सदस्य प्रो. एसपी सिंह बघेल थे। वर्तमान में वे आगरा से लोकसभा सदस्य हैं और केंद्र की मोदी सरकार में राज्यमंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। प्रो. बघेल को बहुजन समाज पार्टी ने राज्यसभा भेजा था। वर्ष 2014 में उनका राज्यसभा का ढाई साल से अधिक का कार्यकाल शेष था, तभी उन्होंने राज्यसभा की सदस्यता छोड़ दी और भाजपा में शामिल हो गए।
प्रो. बघेल के राज्यसभा से हटने के बाद भाजपा ने अपने वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री हरद्वार दुबे को राज्यसभा का सदस्य बनाया था। यह दुर्भाग्य रहा कि हरद्वार दुबे राज्यसभा का अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सके। उनका असमय निधन हो गया था।
इसी बीच समाजवादी पार्टी ने अपने राष्ट्रीय महासचिव रामजीलाल सुमन को उच्च सदन में भेजा। इसके बाद भाजपा की ओर से नवीन जैन को राज्यसभा सदस्य बनाया गया। अब भाजपा द्वारा राम प्रताप सिंह चौहान को प्रत्याशी बनाए जाने के बाद उच्च सदन में आगरा के प्रतिनिधित्व की संख्या तीन होने जा रही है।
राम प्रताप सिंह चौहान के राज्यसभा सदस्य चुने जाने के बाद आगरा के तीन राजनीतिक प्रतिनिधि उच्च सदन में नजर आएंगे। यह स्थिति आगरा के राजनीतिक इतिहास में महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि जिस राज्यसभा में ताजनगरी दशकों तक प्रतिनिधित्व से वंचित रही, उसी सदन में अब एक साथ तीन सदस्य होंगे।
राज्यसभा में आगरा के तीन सदस्यों की मौजूदगी ताजनगरी के लिए एक नया राजनीतिक अध्याय भी होगी। यह संख्या आगे कितने समय तक बनी रहती है, यह सदस्यों के कार्यकाल और भविष्य के चुनावों पर निर्भर करेगा, लेकिन एक साथ तीन सदस्यों का प्रतिनिधित्व आगरा के लिए निश्चित रूप से एक उल्लेखनीय स्थिति होगी।