आगरा मेट्रो पर ‘ग्रीन कट’ सवालों के घेरे में: 800 पेड़ों की बलि का मामला सीईसी में गरमाया, आगरा कॊलेज की जमीन से 41 पेड़ काटे जाने की बात वन विभाग ने मानी, अगली सुनवाई में एडीए वीसी, मेट्रो के प्रोजेक्ट डाइरेक्टर, डीएफओ और आगरा कॊलेज प्रिंसिपल तलब

आगरा। आगरा मेट्रो परियोजना के लिए एमजी रोड और माल रोड पर लगभग 800 हरे पेड़ों को हटाए जाने का विवाद अब सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी (सीईसी) तक पहुंच गया है। इसके साथ ही आगरा कॊलेज की जमीन से भी हरे पेड़ काटे जाने की शिकायत सीईसी में दर्ज हुई है। इन दोनों ही मामलों पर आज सीईसी के चाणक्यपुरी स्थित कोर्ट रूम में सुनवाई हुई।

Dec 4, 2025 - 19:32
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आगरा मेट्रो पर ‘ग्रीन कट’ सवालों के घेरे में: 800 पेड़ों की बलि का मामला सीईसी में गरमाया, आगरा कॊलेज की जमीन से 41 पेड़ काटे जाने की बात वन विभाग ने मानी, अगली सुनवाई में एडीए वीसी, मेट्रो के प्रोजेक्ट डाइरेक्टर, डीएफओ और आगरा कॊलेज प्रिंसिपल तलब

पर्यावरणविदों की शिकायतों के बाद सीईसी ने इन दोनों मामलों को गंभीरता से लेते हुए 12 दिसंबर को विस्तृत सुनवाई तय कर दी है, जिसमें एडीए उपाध्यक्ष, डीएफओ आगरा, यूपीएमआरसी के प्रोजेक्ट डायरेक्टर और आगरा कॉलेज के प्रिंसिपल को उपस्थित रहने के आदेश जारी किए गए हैं।

आगरा में मेट्रो कॉरिडोर के लिए 800 पेड़ों की कटाई का विवाद अब कानूनी मोड़ ले चुका है। एमजी रोड और माल रोड पर बड़े पैमाने पर हरे पेड़ों को हटाए जाने की शिकायत पर्यावरण संरक्षक डॉ. शरद गुप्ता ने सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी (सीईसी) में दर्ज कराई थी। गुरुवार को दिल्ली स्थित सीईसी कोर्ट रूम में इस शिकायत पर पहली सुनवाई हुई, जहां आगरा मेट्रो की ओर से पेश इंजीनियर ने बचाव में दिए तर्कों से समिति के सदस्य भी हैरान रह गए।

मेट्रो अधिकारियों के तर्कों पर सीईसी की नाराज़गी

सीईसी के समक्ष मेट्रो इंजीनियर ने कहा कि जब पता था कि मेट्रो निर्माण होना है, तो नगर निगम को इन सड़कों पर पेड़ लगाए ही नहीं चाहिए थे। पेड़ काटे नहीं गए, बल्कि उखाड़कर नगर निगम में जमा करा दिए गए हैं। हटाए गए पौधे ‘फूलों के पौधे’ थे, बड़े पेड़ नहीं।

आगरा मेट्रो के इन दावों पर डॉ. शरद गुप्ता ने हटाए गए पेड़ों के फोटोग्राफ प्रस्तुत करते हुए पूछा कि क्या ये विशाल पेड़ भी फूलों के पौधे हैं? इस सवाल का कोई जवाब मेट्रो इंजीनियर के पास नहीं था।

अब 12 दिसंबर को होगी अगली सुनवाई

पहली सुनवाई के बाद सीईसी ने मामले को गंभीर बताते हुए अगली सुनवाई 12 दिसंबर को निर्धारित कर दी है और आदेश दिया है कि यूपी मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (UPMRC) के आगरा स्थित प्रोजेक्ट डायरेक्टर, आगरा विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष और डीएफओ सभी अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हों।

आगरा कॉलेज वाले मामले पर भी सूचीबद्ध सुनवाई

नालबंद के पास स्थित आगरा कॉलेज की खाली जमीन पर निर्माण कार्य शुरू करने के लिए हरे पेड़ों की कटाई का आरोप भी सीईसी तक पहुंच चुका है। यह शिकायत छात्र नेता अपूर्व शर्मा ने की है। आज सीईसी में इस मामले की भी सुनवाई हुई, जिसमें मौजूद डीएफओ ने स्वीकार किया कि जमीन से 41 पेड़ काटे गये हैं और इस मामले में रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई है। इस पर शिकायतकर्ता अपूर्व शर्मा ने कहा कि एक मजदूर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जिम्मेदारों को बचाया जा रहा है। सीईसी ने इस मामले को भी अगली सुनवाई के लिए 12 दिसंबर के लिए सूचीबद्ध कर लिया है।

SP_Singh AURGURU Editor