आगरा नगर निगम के सदन में सड़क घोटाले से लेकर पानी के बिलों को लेकर हुआ भारी हंगामा, 1597.81 करोड़ रुपये अनुमानित का बजट पास हुआ

नगर निगम आगरा की सदन बैठक शनिवार को सड़क निर्माण में गड़बड़ी और जलकल विभाग की बिलिंग अव्यवस्था पर जमकर हंगामे के बीच हुई, जहां पार्षदों ने आरोपों की बौछार करते हुए दोनों मामलों की कड़ी जांच की मांग की और तीखी नोकझोंक के बीच नगर निगम एवं जलकल विभाग का पुनरीक्षित बजट पास कर दिया गया।

Nov 29, 2025 - 22:21
 0
आगरा नगर निगम के सदन में सड़क घोटाले से लेकर पानी के बिलों को लेकर हुआ भारी हंगामा, 1597.81 करोड़ रुपये अनुमानित का बजट पास हुआ
आगरा नगर निगम सदन की शनिवार को हुई बैठक में डायस पर मौजूद मेयर हेमलता दिवाकर कुशवाह, नगरायुक्त अंकित खंडेलवाल एवं अन्य अधिकारी।

नगर निगम सदन की बैठक में मौजूद पार्षदगण। 

आगरा। नगर निगम के सदन में शनिवार को हुई बैठक में सड़क निर्माण में कथित गड़बड़ी का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। बैठक शुरू होते ही पार्षद रवि करोतिया और पार्षद प्रवीना राजावत ने हेमा पेट्रोल पंप से पश्चिमपुरी चौराहे तक हुए सड़क चौड़ीकरण, डामरीकरण और इंटरलॉकिंग कार्य में हुए कथित घोटाले का मामला उठा दिया। यह कार्य 15वें वित्त आयोग के फंड से कराया गया था।

पार्षदों का आरोप था कि कागजों में इसे वर्ष 2023–24 का कार्य दिखाया गया है, जबकि चार महीने पहले ही इस सड़क के किनारों पर इंटरलॉकिंग कार्य का उद्घाटन हुआ था। उन्होंने सवाल किया कि एक ही सड़क पर एक ही कार्य दो बार क्यों दर्शाया गया? जांच की मांग जोर पकड़ने लगी तो सदन में हंगामा शुरू हो गया।

हंगामे के बीच सदन की अध्यक्षता कर रहीं महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाह ने पार्षदों को शांत कराने का प्रयास किया और नगरायुक्त अंकित खंडेलवाल को उच्च स्तरीय कमेटी से जांच कराकर सात दिन में रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए। इसके बाद सदन की कार्यवाही सामान्य हो पाई।

जलकल विभाग पर फूटा गुस्सा: गलती आपकी, भरपाई जनता क्यों करे?

इसके बाद पार्षदों ने जलकल विभाग द्वारा पानी के बिल अचानक बढ़ाए जाने पर रोष जाहिर किया। उन्होंने कहा कि जिन उपभोक्ताओं का बकाया शून्य था, उनका बिल अचानक लाखों में पहुंच गया है।

मुद्दा यह था कि वर्ष 2014 में नगर निगम द्वारा किए गए वार्षिक मूल्यांकन के आधार पर बिल अद्यतन होना था, पर जलकल विभाग ने उसे लागू नहीं किया। अब 2024 में पुराना मूल्यांकन लागू कर दिया गया, जिससे बिलों में भारी अंतर आ गया। पार्षदों ने मांग की कि यह दरें अप्रैल 2026 से लागू की जाएं, ताकि जनता को राहत मिल सके।

बजट हुआ पास: आंकड़ों में बड़ा फेरबदल

सदन में नगर निगम के पुनरीक्षित बजट पर भी चर्चा हुई। मूल बजट 2025–26 में निगम की आय 1597.81 करोड़ रुपये अनुमानित थी, जिसे घटाकर 1590.45 करोड़ किया गया। वहीं व्यय का अनुमान 1320.77 करोड़ था, जिसे बढ़ाकर 1427.27 करोड़ रुपये कर दिया गया।

प्रारंभिक अवशेष 416.75 करोड़ जोड़ने पर कुल बजट 2007.21 करोड़ रुपये हो गया। व्यय के बाद निगम के पास 579.94 करोड़ रुपये की बचत रहती है।

जलकल विभाग का मूल बजट 152.23 करोड़ रुपये आय का अनुमान था, जिसे बढ़ाकर 152.55 करोड़ किया गया। व्यय 137.85 करोड़ से बढ़कर 138.85 करोड़ रुपये हो गया।

इन मुद्दों पर भी हुई चर्चा

पार्षदों ने कहा कि पुनरीक्षित बजट में पूरी जानकारी शामिल नहीं है, जिससे आगे परेशानी हो सकती है।

एकमुश्त योजना के तहत पानी के बिलों की ब्याज छूट का प्रस्ताव पास—1 जनवरी 2026 से लागू होगा। कुत्तों व बंदरों के बंध्याकरण बजट पर सवाल, पार्षद ने तंज कसा- संख्या बढ़ाने का इंजेक्शन तो नहीं लगा रहे? अधिकारियों ने जवाब दिया कि जल्द ही इनके लिए शेल्टर बनाने का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। पार्किंग, होर्डिंग और हाउस टैक्स जैसे अहम मुद्दों पर भी सदन में बहस हुई।

SP_Singh AURGURU Editor