आगरा पुलिस ने किया भंडाफोड़ः सिंधी–जाटव समाज के गरीबों को ईसाई बना रहा था लालवानी
आगरा। शाहगंज थाना क्षेत्र के केदार नगर क्षेत्र में पुलिस ने धर्मांतरण के जिस गंदे खेल का खुलासा किया है, वह पिछले तीन-चार वर्षों से चल रहा था। यह काम कोई और नहीं बल्कि सिंधी समाज का राजकुमार लालवानी नामक व्यक्ति कर रहा था। लालवानी पहले खुद ईसाई बना। इसके बाद वह दूसरों को ईसाई बनाने के काम में लग गया। उसके टारगेट पर सिंधी और जाटव समाज के गरीब परिवार होते थे। गरीबों को ईसाई बनाने के लिए बीमार को दूर करने, लालच और दबाव जैसे हथकंडे अपनाए जाते थे।
घनश्याम और सुनील ने उठाई आवाज
करीब डेढ़ महीने पहले सिंधी समाज का घनश्याम हेमलानी नामक युवक राजकुमार लालवानी के सम्पर्क में आया। वह अपनी बीमारी के निदान के लिए लालवानी के पास पहुंचा था। राज कुमार लालवानी, जो प्रत्येक रविवार को अपने घर पर प्रार्थना सभा के नाम पर धर्मांतरण का काम कर रहा था, ने हेमलानी के बाल पकड़कर झिंझोड़ा और प्रभु यीशु का ध्यान लगाने को कहा।
घनश्याम हेमलानी को राज कुमार लालवानी की गतिविधियां संदिग्ध लगीं तो उसने इसका उल्लेख अपने मित्र सुनील कर्मचंदानी, जो कि भाजपा से जुड़े हुए हैं, से किया। सुनील कर्मचंदानी ने कहीं शिकायत करने से पहले खुद ही इसे पुख्ता करने का निर्णय लिया। सुनील कर्मचंदानी ने राज कुमार लालवानी के घर होने वाली प्रार्थना सभा में पहुंचकर सब कुछ अपनी आंखों से देखा। लालवानी ने बीमारी दूर करने के नाम पर सुनील कर्मचंदानी के साथ भी वही सब कुछ किया जो उसने हेमलानी के साथ किया था।
माथे से तिलक और कलाई से कलावा हटाने को कहा
राजकुमार लालवानी ने सुनील कर्मचंदानी के माथे पर लगे तिलक को मिटाने और कलाई पर बंधे कलावे को हटाने के लिए कहा। उनके बाल पकड़कर खींचे और जोर देकर कहा कि प्रभु यीशु का ध्यान करो। लालवानी ने कर्मचंदानी से यह भी कहा कि अपने घर से मंदिर हटा दो। इसी तरह की हरकत वह वहां आने वाले लोगों के साथ कर रहा था। सुनील कर्मचंदानी ने सब कुछ अपनी आंखों से देखने के बाद इसकी जानकारी उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय को दी।
मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने इस मामले में पुलिस आयुक्त दीपक कुमार से चर्चा की और दोनों (सुनील कर्मचंदानी और घनश्याम हेमलानी) को पुलिस आयुक्त से मिलने भेजा। आयुक्त ने दोनों की बात सुनने के बाद मामले की गंभीरता को समझा और धर्मांतरण के इस रैकेट का खुलासा करने के काम में एसीपी लोहमंडी को लगाया।
महिला पुलिसकर्मी से भी की गई हरकत
एसीपी लोहामंडी मयंक तिवारी ने राज कुमार लालवानी का भांडा फोड़ने के लिए एक पुलिस टीम गठित की। इस टीम में शामिल सदस्य सादा कपड़ों में प्रत्येक रविवार को राज कुमार लालवानी के घर होने वाली प्रार्थना सभाओं में पहुंचने लगे। ये पुलिसकर्मी भी अपनी कोई न कोई दिक्कत लेकर वहां पहुंचे थे। पुलिसकर्मियों ने भी सब कुछ अपनी आंखों से देखा। यह भरोसा होने पर कि राज कुमार लालवानी वाकई में गरीबों को टारगेट कर धर्मांतरण करा रहा है, पुलिस ने छिपे कैमरों से उसकी सारी गतिविधियों की रिकॉर्डिंग की। एक महिला पुलिसकर्मी संतान न होने का बहाना बनाकर लालवानी के पास पहुंची। लालवानी ने उसके साथ भी वही दोहराया और कहा- प्रभु यीशु का ध्यान करो, सब कुछ मिल जाएगा। सनातन धर्म क्यों मान रही हो?
सरकारी गवाह बने लोग
सारे सबूत जुटाने के बाद पुलिस ने राज कुमार लालवानी के साथ ही 11 लोगों को विगत दिवस गिरफ्तार कर लिया। इस पूरे मामले में घनश्याम हेमलानी मुख्य वादी हैं। पुलिस ने पकड़े गए लोगों में से कुछ को सरकारी गवाह बनाया है।
पुलिस की जांज में यह भी पता चला है कि राज कुमार लालवानी अपने पास समस्याओं को लेकर आने वाले लोगों को धर्मांतरण के लिए लालच भी देता था। सनातन धर्म का त्याग करने को कहता था। लोगों से कहता था कि ईसाई बन जाओ, उनकी सारी समस्याएं दूर हो जाएंगी।
ईसाई मिशनरी का भी पता लगाया जा रहा
आगरा पुलिस अब यह पता लगा रही है कि राज कुमार लालवानी के पीछे कौन सी ईसाई मिशनरी काम कर रही थी। वे कौन लोग हैं जिन्होंने राज कुमार लालवानी को ईसाई बनाने के लिए धर्मांतरण के काम में लगा दिया था।