हाईकोर्ट में झूठी साबित हुई आगरा पुलिस, सदर इंसपेक्टर समेत चार निलंबित
आगरा। आगरा पुलिस अब हाईकोर्ट में भी झूठ बोलने लगी है, लेकिन पुलिस ने यह नहीं सोचा होगा कि हाईकोर्ट उसका झूठ पकड़ लेगा। हाईकोर्ट ने नाराजगी जताते हुए पुलिस कमिश्नर को तलब कर लिया है। पुलिस कमिश्नर को तलब किए जाने के बाद पुलिस महकमे में खलबली मच गई है। आनन-फानन में चार पुलिसकर्मी निलंबित कर दिए गए हैं। एडिशनल पुलिस कमिश्नर हाईकोर्ट में उपस्थित होने के लिए भेजे गए हैं।
- हाईकोर्ट में लिख कर दे दिया था कि आगरा कोर्ट से वारंट प्राप्त नहीं हुए हैं
-हाईकोर्ट ने पुलिस कमिश्रनर को तलब किया, एडिशनल सीपी हाईकोर्ट गए हैं
मामला सदर थाने का बताया जा रहा है। यहां पर अंकुर शर्मा नाम के व्यक्ति ने आगरा न्यायालय में मनोज नाम के व्यक्ति के खिलाफ चेक बाउंस संबंधी केस दाखिल किया था। यहां से कई बार पुलिस को प्रतिवादी के लिए वारंट जारी हुए, लेकिन पुलिस ने यह तामील नहीं कराए। इस बात को लेकर वादी अंकुर शर्मा हाईकोर्ट चला गया।
अंकुर शर्मा की याचिका पर हाईकोर्ट ने आगरा पुलिस से जवाब मांगा। सदर थाना पुलिस ने आगरा के पुलिस अधिकारियों को लिखकर दे दिया कि उन्हें वारंट प्राप्त नहीं हुए हैं। थाने की रिपोर्ट के आधार पर कमिश्नरेट के अधिकारियों ने हाईकोर्ट में यही बात लिखकर दे दी। इस बात पर हाईकोर्ट ने आगरा न्यायालय से आख्या मांगी।
आगरा न्यायालय ने वारंट और गैर जमानती वारंट की प्रति हाईकोर्ट में भेज दी। आगरा पुलिस द्वारा झूठी सूचना देने पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जताते हुए आज पुलिस कमिश्नर को तलब कर लिया।
सदर पुलिस की इस कारस्तानी के बारे में जानकर पुलिस कमिश्नर जे रविंद्र गौड़ सन्न रह गए। पुलिस कमिश्नर ने गलत रिपोर्ट भेजने के मामले में चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई कर दी। इनमें इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार, पूर्व चौकी प्रभारी सीओडी सोनू कुमार और दो कांस्टेबल शामिल हैं।
इसके साथ ही पुलिस कमिश्नर की जगह एडिशनल पुलिस कमिश्नर को हाईकोर्ट में भेजा गया है। वह पुलिसकर्मियों के निलंबन की रिपोर्ट लेकर गए हैं। कहीं हाईकोर्ट कोई बड़ी कार्रवाई न कर दे, इस पर सभी की निगाहें लगी हुई हैं।