ताजमहल में बिछड़ी 4 वर्षीय बच्ची को आगरा पुलिस ने 35 मिनट में मिलवाया माता-पिता से
आगरा। विश्वप्रसिद्ध ताजमहल में मंगलवार को झारखंड से आए पर्यटकों के लिए उस समय खलबली की स्थिति पैदा हो गई, जब पश्चिमी निकास द्वार के पास उनकी 4 वर्षीय बच्ची आसफा आफरीन भीड़ में अपने माता-पिता से बिछड़ गई। ताजमहल से बाहर निकलते समय माता-पिता को लगा कि बच्ची उनके साथ चल रही है, लेकिन कुछ ही क्षणों में उन्हें उसकी अनुपस्थिति का अहसास हुआ और वे घबराकर अमरूद टीला की ओर खोज में निकल गए।
आगरा। विश्वप्रसिद्ध ताजमहल में मंगलवार को झारखंड से आए पर्यटकों के लिए उस समय खलबली की स्थिति पैदा हो गई, जब पश्चिमी निकास द्वार के पास उनकी 4 वर्षीय बच्ची आसफा आफरीन भीड़ में अपने माता-पिता से बिछड़ गई। ताजमहल से बाहर निकलते समय माता-पिता को लगा कि बच्ची उनके साथ चल रही है, लेकिन कुछ ही क्षणों में उन्हें उसकी अनुपस्थिति का अहसास हुआ और वे घबराकर अमरूद टीला की ओर खोज में निकल गए।
इधर रोती हुई आसफा ताजमहल परिसर में ही आरके बैरियर की ओर चली गई। तभी ताजमहल घूमने आए पर्यटक सद्दाम की नजर उस पर पड़ी। उन्होंने बच्ची से रोने का कारण पूछा, तो मासूम ने बताया कि वह अपने माता-पिता से बिछड़ गई है। पर्यटक सद्दाम ने तुरंत जिम्मेदारी दिखाते हुए इस घटना की सूचना पश्चिमी प्रवेश द्वार पर तैनात थाना ताज सुरक्षा की क्विक रेस्पॉन्स टीम को दी।
सूचना मिलते ही क्यूआरटी प्रभारी ने उच्चाधिकारियों के निर्देशन में बच्ची की तलाश के लिए तुरंत त्वरित कार्रवाई शुरू की। टीम ने सीसीटीवी फुटेज, रेडियो अनाउंसमेंट, आरटी सेट मैसेज तथा मौके पर तैनात जवानों की मदद से पूरे परिसर में व्यापक तलाशी अभियान चलाया।
पुलिस की तेजी और समन्वय का परिणाम यह रहा कि सिर्फ 35 मिनट में बच्ची के माता-पिता को ढूंढ लिया गया और नन्ही आसफा को सुरक्षित उनके सुपुर्द कर दिया गया। बच्ची को देखकर माता-पिता की आंखें भर आईं और मासूम के चेहरे पर भी मुस्कान लौट आई।
आसफा के पिता ने समय पर और संवेदनशीलता के साथ सहायता प्रदान करने के लिए आगरा पुलिस का आभार व्यक्त किया। तलाश अभियान में उप निरीक्षक पंकज सिंह पटेल, आरक्षी आशु, महिला आरक्षी रीतू शामिल थे। पुलिस की सतर्कता, पर्यटक सद्दाम की संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाही ने एक संभावित बड़ी घटना को टाल दिया।