राष्ट्रीय जल पुरस्कार से रोशन हुआ आगरा: स्मार्ट वाटर मैनेजमेंट का देश में परचम, मिला तीसरा स्थान

आगरा। स्मार्ट सिटी आगरा ने राष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर अपना परचम लहराया है। जल संरक्षण और स्मार्ट वाटर मैनेजमेंट के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करते हुए आगरा नगर निगम को छठवें नेशनल वाटर अवार्ड में नगर निकाय श्रेणी में तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है। मंगलवार को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने आगरा नगर निगम की महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाहा और नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल को यह सम्मान प्रदान किया।

Nov 18, 2025 - 20:47
Nov 18, 2025 - 20:56
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राष्ट्रीय जल पुरस्कार से रोशन हुआ आगरा: स्मार्ट वाटर मैनेजमेंट का देश में परचम, मिला तीसरा स्थान
नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में राष्ट्रीय जल पुरस्कार के अंतर्गत आगरा को देश में तीसरा स्थान मिलने के मौके पर पुरस्कार प्राप्त करने के बाद राष्ट्रपति के साथ मेयर हेमलता दिवाकर कुशवाह और अन्य शहरों के प्रतिनिधि।

-महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाहा ने राष्ट्रपति से लिया पुरस्कार, नगर निगम की अभिनव योजनाओं का मिला सम्मान

जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल से पुरस्कार लेतीं मेयर हेमलता दिवाकर कुशवाह। साथ हैं नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल। 

संरक्षण, रिसाइक्लिंग, उपयोग। यही मंत्र बनकर उभरा है आगरा का जल प्रबंधन मॉडल, जिसने राष्ट्रीय मंच पर ‘सस्टेनेबल डेवलपमेंट’ की मिसाल पेश की है। नगर निकाय श्रेणी में आगरा ने तीसरा स्थान हासिल किया है। पुरस्कार का फोकस पानी के पुनर्चक्रण, संसाधनों के प्रबंधन, स्मार्ट मॉनिटरिंग, लीकेज नियंत्रण और सामुदायिक प्रभाव पर केंद्रित रहा।

केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय द्वारा जारी सूची में पहला स्थान- नवी मुंबई, महाराष्ट्र, दूसरा स्थान- भावनगर, गुजरात और तीसरा स्थान- आगरा, उत्तर प्रदेश और नबादीगंता, पश्चिम बंगाल (संयुक्त) मिला।

महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाहा ने कहा कि यह पुरस्कार आगरा नगर निगम की टीम की कड़ी मेहनत और जनता के सहयोग का परिणाम है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण, रिसाइक्लिंग से लेकर स्मार्ट मीटरिंग तक हर स्तर पर किए गए प्रयासों का यह राष्ट्रीय सम्मान है। उन्होंने इसे ‘गौरव का पल’ करार देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन को साकार करने की दिशा में बड़ा कदम बताया।

आगरा नगर निगम ने पानी की बर्बादी रोकने के लिए कई अभिनव कदम उठाए। ताजगंज में 24 घंटे पानी सप्लाई योजना के अंतर्गत 6 वार्ड और 3 गांव को 1200 मिमी लाइन और एससीएडीए आधारित स्मार्ट मीटरिंग के माध्यम से 24 घंटे पेयजल उपलब्ध कराया गया। लीकेज ट्रैकिंग सिस्टम के तहत जगह-जगह लगाए गए प्रेशर मीटर से तुरंत लीकेज का पता चलता है, जिससे पानी की हानि रोकने में मदद मिलती है।

रिसाइकिल पानी का नवाचार

शहर के नौ एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) से प्रतिदिन लाखों लीटर रिसाइकिल पानी तैयार होता है जिसे, सड़क, पार्क, डिवाइडर की सिंचाई, सीवर फ्लशिंग, खेती, अग्निशमन वाहन और औद्योगिक उपयोग के लिए अपनाया गया है। धांधूपुरा एसटीपी ने अकेले महीने भर में 1052 एमएलडी शौधित जल उपलब्ध कराकर 1 लाख रुपये की आय नगर निगम को दी।

स्वच्छता से जल प्रबंधन तक आगरा की उड़ान

स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 में आगरा ने 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में देश में 10वां स्थान हासिल किया था। शहर में डलावघर समाप्त हो गये हैं और डोर टू डोर कचरा संग्रहण में सुधार में सुधार तथा कचरा निस्तारण के लिए नई तकनीक का उपयोग किया गया है।

SP_Singh AURGURU Editor