आगरा की शिक्षिका डॉ. यशोधरा यादव ‘यशो’ को नवाचार के लिए बाल शिक्षा शिखर सम्मान
आगरा। शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट नवाचार और साहित्यिक योगदान के लिए आगरा की शिक्षिका, साहित्यकार एवं साहित्य साधिका समिति की महासचिव डॉ. यशोधरा यादव ‘यशो’ को राष्ट्रीय बाल शिक्षा शिखर सम्मान–2026 से सम्मानित किया गया। यह सम्मान लखनऊ के एक होटल में आयोजित समारोह में शैक्षिक संवाद मंच के तत्वावधान में प्रदान किया गया, जहां प्रदेशभर से आए शिक्षकों की मौजूदगी में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित किया गया।
‘विद्यालय बनें आनंद घर’ थीम पर हुआ सम्मान
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यालय बनें आनंद घर की अवधारणा को साकार करने वाले और शिक्षा में नवाचार लाने वाले शिक्षकों को सम्मानित करना रहा। इसी क्रम में डॉ. यशोधरा यादव ‘यशो’ को उनके उत्कृष्ट शैक्षिक प्रयोगों, बाल शिक्षा के प्रति समर्पण और साहित्यिक योगदान के लिए यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया गया।
डॉ. यशोधरा यादव ‘यशो’ न केवल एक समर्पित शिक्षिका हैं, बल्कि साहित्य के क्षेत्र में भी उनका योगदान उल्लेखनीय है। शिक्षा में नवाचार और साहित्य साधना के माध्यम से उन्होंने समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
इस अवसर पर आगरा जनपद के बरौली अहीर क्षेत्र स्थित प्राथमिक विद्यालय रजरई की शिक्षिका राजश्री यादव को भी उनके नवाचारी कार्यों के लिए सम्मानित किया गया, जिससे जनपद का नाम और ऊंचा हुआ।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश सचिवालय के विशेष सचिव एवं साहित्यकार राम नगीना मौर्य उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में एनसीईआरटी प्रकाशन विभाग के सहायक संपादक एवं साहित्यकार शिवमोहन यादव तथा हिमालय लोक संग्रहालय एवं शोध संस्थान, देहरादून के संस्थापक डॉ. सुरेंद्र कुमार आर्यन शामिल रहे।
कार्यक्रम के दौरान मंच संस्थापक प्रमोद दीक्षित ‘मलय’, संयोजक दुर्गेश्वर राय के नेतृत्व में डॉ. यशोधरा यादव ‘यशो’ सहित अन्य शिक्षकों द्वारा संपादित पुस्तकों का भी भव्य विमोचन किया गया।
इस समारोह में पूरे उत्तर प्रदेश से लगभग 90 से अधिक शिक्षकों ने भाग लिया, जिससे यह कार्यक्रम शिक्षा और नवाचार का संगम बन गया।