आगरा के ट्रांसपोर्टर का अपहरण कर फिरोजाबाद में बेरहमी से कत्ल, पार्टनरशिप विवाद बना हत्या की वजह
आगरा/फिरोजाबाद। आगरा के एक ट्रांसपोर्टर की फिरोजाबाद में अपहरण के बाद निर्मम हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पैसे के लेन-देन को लेकर चल रहे विवाद ने खौफनाक रूप ले लिया। आरोप है कि ट्रांसपोर्टर को ट्रक समेत किडनैप किया गया, रास्ते भर उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई और हाथ-पैर तोड़कर सड़क किनारे फेंक दिया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
आगरा/फिरोजाबाद। आगरा के एक ट्रांसपोर्टर की फिरोजाबाद में अपहरण के बाद निर्मम हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पैसे के लेन-देन को लेकर चल रहे विवाद ने खौफनाक रूप ले लिया। आरोप है कि ट्रांसपोर्टर को ट्रक समेत किडनैप किया गया, रास्ते भर उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई और हाथ-पैर तोड़कर सड़क किनारे फेंक दिया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मृतक की पहचान आगरा के महावीर नगर निवासी बालमुकुंद दुबे (50) के रूप में हुई है, जो पेशे से ट्रांसपोर्टर थे। शनिवार शाम वह अपने ट्रक पर माल लोड कराकर फिरोजाबाद के थाना उत्तर क्षेत्र के ककरऊ कोठी स्थित ऑल इंडिया ट्रांसपोर्ट पहुंचे थे। उनके साथ ट्रक ड्राइवर सुभाष और सहयोगी शिवशंकर भी मौजूद थे।
माल उतारने के दौरान हुआ विवाद
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार माल अनलोडिंग के दौरान बाइक से पहुंचे चार युवक वहां आए और कहासुनी शुरू हो गई। विवाद इतना बढ़ा कि आरोप है चारों युवकों ने बालमुकुंद दुबे, ड्राइवर सुभाष और सहयोगी शिवशंकर को ट्रक समेत जबरन उठा लिया। कुछ दूरी पर जाकर आरोपियों ने ड्राइवर और सहयोगी को छोड़ दिया, जबकि बालमुकुंद को अपने साथ ले गए।
डायल-112 पर सूचना, शुरू हुई तलाश
घटना के बाद सहयोगी शिवशंकर ने डायल-112 पर सूचना दी और अन्य ट्रांसपोर्टरों को भी मामले से अवगत कराया। थाना उत्तर पुलिस ने अपहरण की सूचना पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
नारखी क्षेत्र में मिला शव, पहचान से मचा कोहराम
रविवार सुबह थाना नारखी क्षेत्र के शाहपुर इलाके में सड़क किनारे खून से लथपथ शव मिलने की सूचना से हड़कंप मच गया। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को ट्रॉमा सेंटर भिजवाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। जांच में शव की पहचान अपहृत ट्रांसपोर्टर बालमुकुंद दुबे के रूप में हुई। परिजनों ने भी इसकी पुष्टि की।
बेटी का आरोप-15 किमी ले जाकर पीट-पीटकर हत्या
मृतक की बेटी रूपम दुबे ने बताया कि शनिवार रात करीब 7 बजे गजेंद्र सिंह, उसके बेटे नितिन और अंकुश तथा भाई पिंटू मौके पर पहुंचे थे। चारों ने पापा को जबरन ट्रक में बैठाया और करीब 15 किलोमीटर दूर ले जाकर बेरहमी से पीटा। हाथ-पैर तोड़ दिए और सड़क किनारे फेंक दिया। रूपम के अनुसार जब परिजन अस्पताल पहुंचे तो हालत बेहद गंभीर थी। इलाज के दौरान पापा की मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हाथ-पैर में फ्रैक्चर की पुष्टि हुई है।
30 साल पुरानी पार्टनरशिप में लेन-देन बना जानलेवा
एसपी सिटी रविशंकर प्रसाद ने बताया कि गजेंद्र सिंह और बालमुकुंद दुबे करीब 30 वर्षों से ट्रांसपोर्ट व्यवसाय में साझेदार थे। दोनों के बीच रुपयों के लेन-देन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी कारण बालमुकुंद खुद माल उतरवाने फिरोजाबाद आए थे।
उन्होंने बताया कि आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है। पुलिस ड्राइवर और अन्य सहयोगियों से पूछताछ कर रही है। साथ ही घटनास्थल और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। एसपी सिटी ने परिजनों से मिलकर उन्हें निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।