आगरा की लेखिका रेनू ‘अंशुल’ को दिल्ली में मिला ‘साहित्य श्री सम्मान-2025

आगरा। शहर की साहित्यकार श्रीमती रेनू ‘अंशुल’ को उनके साहित्यिक योगदान और अमूल्य साधना के लिए दिल्ली हिंदी साहित्य सम्मेलन द्वारा आयोजित समारोह में ‘साहित्य श्री सम्मान-2025’ से अलंकृत किया गया। हिंदी भवन, नई दिल्ली में हुए इस कार्यक्रम में देशभर के वरिष्ठ साहित्यकारों की मौजूदगी रही।

Sep 25, 2025 - 18:07
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आगरा की लेखिका रेनू ‘अंशुल’ को दिल्ली में मिला ‘साहित्य श्री सम्मान-2025
श्रीमती रेनू ‘अंशुल’ को सम्मानित करते हुए डॉ. सच्चिदानंद जोशी, बाल स्वरूप राही और अन्य साहित्यकार।

यह सम्मान उन्हें डॉ. डी.के. गर्ग द्वारा अपने पिता की स्मृति में स्थापित पुरस्कार के अंतर्गत प्रदान किया गया, जिसमें 5100 रुपये की राशि, सम्मान पत्र और स्मृति चिन्ह शामिल था।

समारोह के दौरान मुख्य अतिथि इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के सदस्य सचिव डॉ. सच्चिदानंद जोशी, सम्मेलन की अध्यक्ष श्रीमती इंदिरा मोहन, प्रबंध मंत्री एवं संयोजक आचार्य अनमोल, प्रसिद्ध साहित्यकार बाल स्वरूप राही, सोमदत्त शर्मा, डॉ. शकुंतला कालरा, नरेश शांडिल्य सहित अनेक विद्वान मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रो. रचना विमल ने किया।

दिल्ली हिंदी साहित्य सम्मेलन के महामंत्री प्रो. हरीश अरोड़ा ने कहा कि रेनू ‘अंशुल’ की रचनाओं में जीवन के अनुभव, संवेदना और रिश्तों की गहरी झलक देखने को मिलती है। इसी अमूल्य योगदान को मान्यता देते हुए उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया है।

रेनू ‘अंशुल’ की अब तक सात पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं जिनमें गाथा पंचकन्या, बटरफ्लाइज और पॉकेट में इश्क विशेष रूप से चर्चित रही हैं। उनकी रचनाओं का प्रसारण आकाशवाणी दिल्ली, रामपुर सहित कई केंद्रों से लगातार होता रहता है। इसके अलावा आगरा की साहित्य साधिका समिति ने उन्हें सारस्वत सम्मान से भी विभूषित किया है।

SP_Singh AURGURU Editor