2026 तक फंक्शनल होगा आगरा का सिविल एयरपोर्ट? कमेटी गठित, हर 15 दिन में होगी समीक्षा
आगरा। ताजनगरी में सिविल एयरपोर्ट प्रोजेक्ट को गति देने के लिए शासन ने मंडलायुक्त की अध्यक्षता में नई कमेटी गठित कर दी है। यह कमेटी हर पंद्रहवें दिन बैठक कर कार्यों की समीक्षा करेगी ताकि 2026 तक एयरपोर्ट पूरी तरह से फंक्शनल हो सके। दो चरणों में 579 करोड़ की लागत से बन रहे इस प्रोजेक्ट का पहला चरण 343.40 करोड़ की अनुमानित लागत से 51.57 एकड़ जमीन पर चल रहा है।
सिविल एयरपोर्ट प्रोजेक्ट पर बनी कमेटी
प्रोजेक्ट कार्यों की गति बढ़ाने के लिए गठित कमेटी में मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग, वन विभाग, विद्युत विभाग, विमानपत्तन निदेशक और एनएचएआई के प्रतिनिधि शामिल होंगे। शासनादेश के अनुसार, यह कमेटी हर महीने के प्रत्येक पक्ष में बैठक प्रगति की समीक्षा करेगी।
सोसायटी ने बताया बड़ा कदम
सिविल सोसायटी ऑफ आगरा ने कमेटी गठन को अहम बताते हुए कहा कि इससे लालफीताशाही के कारण काम अटकने की संभावना खत्म होगी। सोसायटी के सेक्रेट्री अनिल शर्मा और वरिष्ठ पत्रकार राजीव सक्सेना ने प्रेसवार्ता में सुझाव दिया कि प्रोजेक्ट प्रभावित ग्राम सभाओं अभयपुरा, बल्हैरा और धनौली में आधारभूत सुविधाओं की कार्ययोजना भी तैयार की जाए।
इस प्रोजेक्ट का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 अक्टूबर 2024 को वर्चुअल माध्यम से किया था। सिविल सोसायटी का मानना है कि प्रोजेक्ट के पूरा होते ही यह उत्तर प्रदेश का व्यस्त और लाभकारी एयरपोर्ट बनेगा।
नगर निगम में मर्ज का विरोध
सिविल सोसायटी ने मांग की है कि एयरपोर्ट के आसपास के बिचपुरी विकासखंड के गांवों को नगर निगम में शामिल न किया जाए, बल्कि इस क्षेत्र के लिए अलग टाउन एरिया गठित की जाए। सोसाइटी द्वारा सांसद नवीन जैन को इस संबंध में कार्ययोजना भी दी गई है।
जलभराव और सीवरेज की समस्या
सोसाइटी के अध्यक्ष और पूर्व पार्षद डॉ. शिरोमणि सिंह ने कहा कि धनौली, अभयपुरा और बल्हेरा क्षेत्रों में जलभराव और ड्रेनेज निस्तारण के लिए एसटीपी, ट्रंक सीवर और बड़ा तालाब बनाया जाए। अनट्रीटेड सीवर को किसी नहर में डालने का विरोध भी किया गया।
फेस-वन समय पर पूरा करने की मांग
सिविल सोसायटी के प्रतिनिधि मंडल ने एयरपोर्ट प्रोजेक्ट के जीएम अनूप श्रीवास्तव से मुलाकात कर फेस-वन का कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरा करने की अपेक्षा जताई। ग्रामीणों ने भी मानसून में जलभराव की समस्या को लेकर अपनी चिंता साझा की। इस दौरान वरिष्ठ फोटो जर्नलिस्ट असलम सलीमी भी मौजूद रहे।