आगरा के दूरा गांव में जर्जर बिजली लाइन की चिंगारी से धधके खेत, गेहूं की फसल राख, किसान गुस्से में
फतेहपुर सीकरी। क्षेत्र के गांव दूरा में बुधवार शाम जर्जर बिजली तारों से निकली चिंगारी ने किसान की मेहनत को पलभर में राख कर दिया। शाम करीब साढ़े पांच बजे अचानक लगी आग ने कई किसानों के खेतों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे खड़ी गेहूं की फसल जलकर नष्ट हो गई। घटना के बाद ग्रामीणों में बिजली विभाग के प्रति भारी आक्रोश देखने को मिला।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव दूरा में जर्जर बिजली तारों से निकली चिंगारी ने किसानों अमित, आरती सिंह, पूर्व प्रधान मुकेश कुमार, सुरेश कुमार, छत्रपाल सिंह और राजू के खेतों में खड़ी फसलों में आग लगा दी। आग तेजी से फैलने लगी, जिससे आसपास के खेत भी इसकी चपेट में आ गए।
आग लगते ही ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और पेड़ों की टहनियों की मदद से आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने आग पर किसी तरह काबू पाया, लेकिन तब तक करीब गेहूं की काफी फसल पूरी तरह जलकर राख हो चुकी थी।
घटना के दौरान ग्रामीणों और राहगीरों ने मिलकर आग बुझाने में सक्रिय सहयोग किया, जिससे बड़ा नुकसान होने से बचा। हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद बिजली विभाग का कोई भी कर्मचारी या अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।
ग्रामीणों ने बताया कि घटना के तुरंत बाद विद्युत उपकेंद्र दूरा के जेई को फोन किया गया, लेकिन उनका फोन नहीं उठा। इसके बाद उपखंड अधिकारी फतेहपुर सीकरी को कॉल कर जानकारी दी गई, जिन्होंने कार्रवाई का आश्वासन तो दिया, लेकिन मौके पर कोई नहीं पहुंचा।
गांव वालों का कहना है कि गत वर्ष भी इसी स्थान पर जर्जर तारों के कारण आग लग चुकी थी, उस समय लाइन बदलने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। कई बार शिकायत करने के बावजूद विभाग ने लापरवाही बरती, जिसका खामियाजा अब किसानों को भुगतना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि किसान पहले ही 3 अप्रैल को हुई अतिवृष्टि और ओलावृष्टि से भारी नुकसान झेल चुके हैं और अब तक मुआवजा नहीं मिला है। ऐसे में आग की इस घटना ने उनकी स्थिति और अधिक दयनीय बना दी है।
किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि आग से हुए नुकसान का सही आकलन कर जल्द से जल्द मुआवजा दिया जाए और जर्जर बिजली लाइन को तत्काल बदला जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।