युद्धकालीन संकट में गैस कटौती से आगरा के उद्योग बेहाल, नेशनल चैम्बर ने राहत पैकेज के साथ ही बिजली कनेक्शन मांगे

आगरा। वैश्विक तनाव और युद्ध जैसी विषम परिस्थितियों के चलते उद्योग और व्यापार पर पड़ रहे गंभीर प्रभावों को लेकर बुधवार को चैम्बर सभागार में अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में एमएसएमई के अधिकारियों और व्यापारिक संगठनों ने उद्योगों की समस्याओं पर मंथन किया। इस दौरान गैस कटौती, वैकल्पिक ईंधन, राहत पैकेज और कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने जैसे मुद्दों पर जोरदार मांग उठी।

Apr 15, 2026 - 19:19
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युद्धकालीन संकट में गैस कटौती से आगरा के उद्योग बेहाल, नेशनल चैम्बर ने राहत पैकेज के साथ ही बिजली कनेक्शन मांगे
नेशनल चैंबर सभागार में बुधवार को उद्यमियों के संग बैठक के लिए पहुंचे एमएसएमई के सहायक निदेशक अभिषेक कुमार का स्वागत करते चैंबर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल। चित्र में बैठक में आए उद्यमी व चैंबर पदाधिकारी भी हैं।

बैठक की अध्यक्षता चैम्बर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल ने की, जबकि संचालन पूर्व अध्यक्ष एवं एमएसएमई प्रकोष्ठ के चेयरमैन संजय गोयल के नेतृत्व में हुआ।

गैस कटौती से उद्योगों पर संकट

चैम्बर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल ने कहा कि ताज संरक्षित क्षेत्र में आने वाले आगरा के उद्योग पहले से ही प्रतिबंधों में जकड़े हुए हैं। ऐसे में गेल गैस द्वारा गैस आपूर्ति में कटौती ने उद्योगों को गंभीर संकट में डाल दिया है। उन्होंने मांग की कि गैस कटौती की स्थिति में उद्योगों को वैकल्पिक ईंधन के रूप में विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएं।

विशेष राहत पैकेज की मांग

चैम्बर ने सरकार से मांग की कि वर्तमान हालात को देखते हुए आगरा के उद्योगों के लिए विशेष राहत पैकेज घोषित किया जाए। साथ ही कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए ऋण पर सब्सिडी और श्रम कानूनों में बदलाव की भी आवश्यकता जताई गई।

कुटीर उद्योगों के लिए बड़ी मांग

संजय गोयल ने कहा कि छोटे और कुटीर उद्योगों को बड़ी इकाइयों की तरह सुविधाएं दी जानी चाहिए। उन्होंने सरकार से विशेष पैकेज और आसान ऋण सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की, ताकि स्थानीय उद्योगों को मजबूती मिल सके।

एमएसएमई ने दी योजनाओं की जानकारी

एमएसएमई के सहायक निदेशक अभिषेक कुमार ने बताया कि सरकार वर्तमान संकट में उद्योगों पर पड़ रहे प्रभाव का डाटा एकत्र कर रही है, ताकि उचित राहत दी जा सके। उन्होंने कहा कि एमएसएमई में तीन प्रकार के पंजीकरण, मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस और ट्रेडर्स होते हैं और इसके तहत उद्यमियों को कई सुविधाएं मिलती हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि एमएसएमई के माध्यम से ऑनलाइन खरीद-बिक्री, ट्रेनिंग मैनेजमेंट प्रोग्राम और नेशनल अवॉर्ड जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिनमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले उद्यमियों को प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया जाता है।

 ‘जीरो डिफेक्ट-जीरो इफेक्ट’ और ‘लीन’ योजना पर जोर

सहायक निदेशक नेहा मेहतो ने ‘जीरो डिफेक्ट-जीरो इफेक्ट’ योजना की जानकारी देते हुए कहा कि इसका उद्देश्य उत्पादन की गुणवत्ता सुधारना और पर्यावरण को नुकसान से बचाना है।
उन्होंने ‘लीन योजना’ के तीन चरण- ब्रॉन्ज, सिल्वर और गोल्ड की विस्तृत जानकारी दी, जिसमें गुणवत्ता मानकों के आधार पर प्रमाण पत्र दिए जाते हैं।

बड़ी संख्या में उद्यमी रहे मौजूद

बैठक में उपाध्यक्ष नितेश अग्रवाल, अम्बा प्रसाद गर्ग, विनय मित्तल, मनीष अग्रवाल, राजीव अग्रवाल, प्रशांत मित्तल, गोमित जैन, राजेश कुमार गुप्ता, मयंक कुमार अग्रवाल, राजेश अग्रवाल, विकास मित्तल, आकाश अग्रवाल, रोहित अग्रवाल, हिमांशु बंसल, शम्भू कुमार अग्रवाल, संजीव अग्रवाल, नरेन्द्र तनेजा, अनूप मित्तल, राजकुमार भगत, राजेन्द्र गर्ग, गिरीश चंद गोयल, दिनेश कुमार अग्रवाल, मुकेश कुमार अग्रवाल, धर्मगोपाल मित्तल, नारायन भरानी  सहित बड़ी संख्या में व्यापारी एवं उद्यमी मौजूद रहे।

SP_Singh AURGURU Editor