आगरा के साहित्यसेवी शरद गुप्त ’शरद’ को मिला ’राजेंद्र यादव हंस सम्मान 2025’

आगरा। साहित्य जगत में विशिष्ट पहचान बनाने वाले साहित्यसेवी शरद गुप्त ’शरद’ को प्रतिष्ठित ’राजेंद्र यादव हंस सम्मान 2025’ से नवाजा गया है। यह सम्मान दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित एक समारोह में प्रदान किया गया।

Aug 29, 2025 - 18:10
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आगरा के साहित्यसेवी शरद गुप्त ’शरद’ को मिला ’राजेंद्र यादव हंस सम्मान 2025’
दिल्ली में आगरा के साहित्यकार शरद गुप्त ’शरद’ को अवार्ड प्रदान करते प्रेम चंद्र और वीणा उनियाल।

मुंशी प्रेमचंद द्वारा स्थापित और साहित्य जगत में महत्वपूर्ण स्थान रखने वाली पत्रिका ’हंस’ हर वर्ष अपने अंकों में प्रकाशित विविध विधाओं के उत्कृष्ट लेखन को सम्मानित करती है। इस वर्ष ’राजेंद्र यादव हंस सम्मान 2025’ के अंतर्गत आगरा के वरिष्ठ साहित्यकार शरद गुप्त ’शरद’ को उनके पत्र आकर्षक कलेवर के लिए निर्णायकों की ओर से चयनित किया गया। निर्णायक मंडल में साहित्यकार वीणा उनियाल और प्रेम चंद शामिल रहे, जिन्होंने मोमेंटो और प्रशस्ति पत्र भेंट कर उन्हें सम्मानित किया।

कार्यक्रम की शुरुआत ’हंस’ के संपादक संजय सहाय और प्रबंध निदेशक रचना यादव के प्रेरक उद्बोधन से हुई। संयोजन शोभा अक्षर ने किया, जबकि संचालन नाट्य आलोचक रवीन्द्र त्रिपाठी और लेखिका योगिता यादव ने संभाला।

शरद गुप्त ’शरद’ आगरा के स्वाधीनता सेनानी स्व. रोशन लाल गुप्त ’करुणेश’ के पुत्र हैं। वे आगरा नगर से ’राजेंद्र यादव हंस सम्मान’ पाने वाले पहले साहित्यकार बने। उन्होंने अपने संबोधन में वरिष्ठ साहित्यकार राजेंद्र यादव के आगरा प्रवास की स्मृतियों को साझा किया और उन्हें काव्यांजलि अर्पित की।

पिछले 12 वर्षों से निरंतर दिए जा रहे इस प्रतिष्ठित सम्मान ने साहित्य जगत में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है, और इस बार शरद गुप्त ’शरद’ का चयन आगरा नगर के लिए गौरव की बात माना जा रहा है।

SP_Singh AURGURU Editor