अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर होगा आगरा का नया एयरपोर्टः शहीद पृथ्वी सिंह चौहान के नाम पर होगा लाउंज, हवाई अड्डा सलाहकार समिति ने पारित किये प्रस्ताव, दिसंबर 2026 तक न्यू सिविल एन्क्लेव पूरा करने का लक्ष्य, गुवाहाटी, शिलांग, कोलकाता, जम्मू, सूरत और चेन्नई के लिए उड़ानों पर भी हुई चर्चा
आगरा। आगरा को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन और हवाई संपर्क के लिहाज़ से बड़ी सौगात देने की दिशा में बुधवार को अहम कदम उठाया गया, जब केंद्रीय मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल की अध्यक्षता में हुई आगरा हवाई अड्डा सलाहकार समिति की बैठक में धनौली स्थित निर्माणाधीन न्यू सिविल एन्क्लेव की प्रगति समेत कई अहम बिंदुओं पर चर्चा की गई। बैठक में सबसे अहम प्रस्ताव ये रहा कि नये एयरपोर्ट का नाम पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर रखा जाए।
बैठक का शुभारंभ द्वीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। खेरिया एयरपोर्ट सभागार में हुई इस बैठक में नई घरेलू उड़ानों की संभावनाएं, टर्मिनल भवन की सांस्कृतिक पहचान, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार तथा एयरपोर्ट से जुड़े समग्र विकास कार्यों पर विस्तृत चर्चा की गई। करीब 441.79 करोड़ रुपये की लागत से विकसित हो रहे इस आधुनिक एयरपोर्ट प्रोजेक्ट के 55 प्रतिशत कार्य पूर्ण होने और इसे 30 सितंबर से दिसंबर 2026 के बीच पूर्ण करने के लक्ष्य के साथ आगरा को एक आधुनिक सिविल एयरपोर्ट देने की दिशा में ठोस रोडमैप सामने आया।
बैठक में समिति के सदस्यों के साथ आगरा प्रशासन, नगर निगम के अपर आयुक्त, अपर जिलाधिकारी (राजस्व), वायु सेना के वरिष्ठ अधिकारी, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के मुख्य सुरक्षा अधिकारी, इंडिगो एयरलाइंस के स्टेशन मैनेजर तथा भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में विवेक कुमार शर्मा, निदेशक विमानपत्तन एवं एएसी संयोजक ने सभी सदस्यों का स्वागत करते हुए वर्तमान एयरपोर्ट से जुड़ी यात्री सुविधाओं एवं विकास कार्यों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया।
इसके बाद अनूप चंद्र श्रीवास्तव, महाप्रबंधक (अभियांत्रिकी) एवं प्रोजेक्ट प्रभारी ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से न्यू सिविल एन्क्लेव, धनौली के निर्माण कार्यों की प्रगति से अवगत कराया। मंत्री प्रो. बघेल ने नवीन टर्मिनल भवन के अग्रभाग को इस प्रकार विकसित करने का सुझाव दिया, जिससे आगरा और ब्रज क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान स्पष्ट रूप से दिखाई दे। इसी क्रम में वर्तमान दो लाल पत्थर के गुंबदों के मध्य एक सफेद पत्थर का गुंबद स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए।
समिति के अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री प्रो. बघेल ने प्रोजेक्ट की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए इसे दिसंबर 2026 तक सकारात्मक रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक के पश्चात मंत्री ने धनौली स्थित निर्माणाधीन सिविल टर्मिनल परिसर का स्थलीय निरीक्षण भी किया।
निरीक्षण के दौरान जानकारी दी गई कि लगभग 441.79 करोड़ रुपये की लागत से 144.07 एकड़ क्षेत्र में विकसित हो रहे इस आधुनिक एयरपोर्ट प्रोजेक्ट का लगभग 55 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है और इसे 30 सितंबर 2026 तक पूर्ण कर हैंडओवर करने का लक्ष्य निर्धारित है। नए टर्मिनल में 19 चेक-इन काउंटर, 3 एरोब्रिज, मल्टीलेवल पार्किंग, ई-व्हीकल चार्जिंग स्टेशन, सोलर प्लांट, डिजी यात्रा सिस्टम, रेन वाटर हार्वेस्टिंग जैसी अत्याधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध होंगी।
केंद्रीय मंत्री ने इंडिगो एयरलाइंस को नए टर्मिनल से परिचालन बढ़ाने हेतु बिजनेस स्टडी कराने का सुझाव दिया, जिसमें गुवाहाटी, शिलांग, कोलकाता, जम्मू, सूरत और चेन्नई जैसे सेक्टरों के लिए नई उड़ानें शुरू करने पर विचार किया जाए। साथ ही आगरा से गोवा और बौद्ध सर्किट (वाराणसी) को जोड़ने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
बैठक में एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव यह भी रखा गया कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जन्मस्थली बटेश्वर, आगरा होने के कारण नए एयरपोर्ट का नामकरण उनके नाम पर किया जाए, जिस पर समिति के सदस्यों ने सर्वसम्मति से सहमति व्यक्त की। इसके अतिरिक्त, नए टर्मिनल के वेटिंग लाउंज का नामकरण शहीद पृथ्वी सिंह चौहान के नाम पर करने का प्रस्ताव भी पारित किया गया।
मंत्री ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि धनौली गांव को जाने वाली सड़क के विपथन, नाला निर्माण तथा न्यू सिविल एन्क्लेव की एप्रोच रोड को शीघ्र चौड़ा करने का कार्य प्राथमिकता पर पूर्ण कराया जाए, ताकि बरसात के दौरान जलभराव की समस्या न हो। साथ ही धनौली गांव को नगर निगम की परिधि में शामिल करने का प्रस्ताव भी रखा गया, जिससे एयरपोर्ट के आसपास के क्षेत्रों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।
केंद्रीय मंत्री ने आश्वासन दिया कि यदि प्रोजेक्ट में किसी भी प्रकार की बाधा आती है, तो प्रशासन द्वारा उसे शीघ्र दूर कराया जाएगा। उन्होंने निर्माण श्रमिकों से संवाद कर उन्हें श्रम पंजीकरण, आयुष्मान कार्ड और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिए।