आगरा की साहित्यकार रेनू 'अंशुल' को गाजियाबाद में मिला साहित्य सृजन ऊर्जा सम्मान
आगरा। गाज़ियाबाद में आयोजित एक समारोह में विद्युत पेंशनर्स एसोसिएशन ने आगरा की साहित्यकार श्रीमती रेनू 'अंशुल' को उनके साहित्यिक योगदान और उपलब्धियों के लिए साहित्य सृजन ऊर्जा सम्मान-2025 प्रदान किया।
एसोसिएशन के अध्यक्ष इंजी. डीके अरोरा ने कहा कि रेनू 'अंशुल' की कहानियाँ, कविताएं, उपन्यास और नाटक पाठकों व श्रोताओं के दिलों को गहराई तक छूते हैं। अब तक उनकी सात पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं, जिनमें गाथा पंचकन्या, बटरफ्लाईज और पॉकेट में इश्क खास तौर पर चर्चित रही हैं। उनकी रचनाओं में स्त्री जीवन के अनुभव, सामाजिक दृष्टिकोण और भाषिक सौंदर्य का अद्भुत समन्वय मिलता है।
सचिव इंजी. एके वार्ष्णेय ने कहा कि संस्था रेनू 'अंशुल' जैसी सशक्त एवं संवेदनशील साहित्यकार को सम्मानित कर गर्व महसूस कर रही है। इस अवसर पर उनके जीवनसाथी सेवानिवृत्त अधिकारी अंशुल अग्रवाल, एसोसिएशन के उपाध्यक्ष हरी प्रकाश गुप्ता, सहायक सचिव एस एल अग्रवाल और कोषाध्यक्ष एसके सखूजा भी उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व रेनू 'अंशुल' को आगरा की साहित्य साधिका समिति द्वारा उनके उपन्यास गाथा पंचकन्या के लिए सारस्वत सम्मान भी दिया जा चुका है।