AI से बदलेगी कक्षा की तस्वीर: दयालबाग शिक्षण संस्थान में स्कूल शिक्षा पर तीन दिनी कार्यशाला

आगरा। दयालबाग शैक्षणिक संस्थान के शिक्षा संकाय के अंतर्गत पंडित मदन मोहन मालवीय राष्ट्रीय शिक्षक एवं अध्यापन मिशन (PMMMNMTT) योजना के तहत स्कूल शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के अनुप्रयोग विषय पर 15 से 17 जनवरी 2026 तक तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय के शिक्षा विभाग के तत्वावधान में आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण तकनीकों से जोड़ते हुए कक्षा शिक्षण को अधिक प्रभावी, संवादात्मक और परिणामोन्मुख बनाना रहा।

Jan 18, 2026 - 19:44
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AI से बदलेगी कक्षा की तस्वीर: दयालबाग शिक्षण संस्थान में स्कूल शिक्षा पर तीन दिनी कार्यशाला
डीईआई के शिक्षा संकाय में आयोजित स्कूल शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के अनुप्रयोग” विषयक कार्यशाला की कुछ तस्वीरें।

कार्यशाला में शिक्षा संकाय से डॉ. नेहा जैन एवं डॉ. नीतू सिंह तथा इंजीनियरिंग संकाय से डॉ. ए. चरण कुमारी ने विशेषज्ञ वक्ता के रूप में सहभागिता की। विशेषज्ञों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के ऐसे व्यावहारिक अनुप्रयोगों पर विस्तार से प्रकाश डाला, जिनके माध्यम से विद्यालयी शिक्षा में अध्ययन सामग्री निर्माण, विद्यार्थियों के मूल्यांकन तथा त्वरित और प्रभावी फीडबैक को सरल बनाया जा सकता है।

तीन दिनों तक चले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में श्रीराम सेंटेनियल स्कूल, द इंटरनेशनल स्कूल, एक पहल पाठशाला, डीईआई बोर्ड के विद्यालयों सहित विभिन्न निजी और सरकारी स्कूलों के कुल 80 शिक्षकों ने भाग लिया। प्रतिभागियों को AI आधारित टूल्स के प्रयोग का प्रत्यक्ष अभ्यास कराया गया, जिससे वे अपनी कक्षाओं में नवाचार और तकनीक का समावेश कर सकें।

कार्यशाला का संचालन प्रो. सोना आहूजा एवं डॉ. आर. जयम द्वारा किया गया। उन्होंने बताया कि बदलते शैक्षिक परिदृश्य में शिक्षकों के लिए तकनीकी दक्षता अनिवार्य हो गई है और ऐसी कार्यशालाएं शिक्षकों को भविष्य की शिक्षा के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

समापन सत्र में प्रतिभागियों ने कार्यशाला को अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रयोग से शिक्षा अधिक छात्र-केंद्रित, रचनात्मक और प्रभावशाली बन सकेगी।

SP_Singh AURGURU Editor