चंबल में मगरमच्छ के जबड़े से पिता को बचाने वाले बालक अजयराज का राष्ट्रपति भवन में सम्मान
आगरा। चंबल नदी के किनारे घटित एक साहसिक घटना ने पूरे देश का ध्यान आगरा के एक नाबालिग बालक की ओर खींच लिया था। पिता की जान बचाने के लिए अपनी जान की परवाह किए बिना मगरमच्छ से भिड़ने वाले किसान पुत्र अजयराज को अब देश की प्रथम नागरिक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में आमंत्रित कर सम्मानित किया है। अजयराज की बहादुरी आज हर जुबान पर है और वह लाखों युवाओं के लिए साहस व कर्तव्य का प्रतीक बन गया है।
चंबल नदी में हुआ था खौफनाक हादसा
यह घटना इसी वर्ष जुलाई माह की है। आगरा जिले के झरनापुरा हरलालपुर निवासी किसान वीरभान चंबल नदी से पानी लेने गए थे। तभी अचानक एक मगरमच्छ ने वीरभान के पैर को अपने जबड़े में जकड़ लिया और उन्हें पानी के भीतर खींचने लगा। पलभर में हालात जानलेवा हो गए।
नाबालिग बेटे ने दिखाई थी अदम्य हिम्मत
नदी किनारे मौजूद वीरभान का नाबालिग बेटा अजयराज पिता की चीख सुनते ही बिना किसी भय के बबूल का डंडा उठाकर चंबल नदी में कूद पड़ा। अजयराज ने मगरमच्छ पर लगातार और तेज प्रहार किए। उसकी निर्भीकता और साहस के सामने मगरमच्छ को हार माननी पड़ी और उसने वीरभान का पैर छोड़ दिया। हालांकि वीरभान के पैर में गंभीर चोटें आईं, लेकिन बेटे की सूझबूझ और साहस से उनकी जान बच गई।
दिल्ली तक पहुंची बहादुरी की गूंज
इस घटना के बाद अजयराज की बहादुरी के किस्से गांव, क्षेत्र, जिला और प्रदेश से होते हुए राजधानी दिल्ली तक जा पहुंचे। हर कोई इस नाबालिग के साहस को सलाम करता नजर आया।
अजयराज के अद्वितीय साहस से प्रभावित होकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उसे राष्ट्रपति भवन में आमंत्रित किया और उसकी बहादुरी के लिए सम्मानित किया। इस सम्मान से न केवल अजयराज बल्कि उसका पूरा परिवार और आगरा जिला गौरवान्वित हुआ है।