पंचायत मतदाता सूची में बड़ी गड़बड़ी का आरोप, फतेहपुर सीकरी में 350 वोट बिना कारण विलोपित
आगरा/फतेहपुर सीकरी। फतेहपुर सीकरी ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायतों में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव से पहले प्रकाशित की गई पंचायत निर्वाचन नामावली ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। 27 दिसंबर 2025 को प्रत्येक बूथ स्तर पर अंतिम मतदाता सूची और विलोपित मतदाता सूचियों का प्रकाशन किया गया। जैसे ही मतदान के प्रति जागरूक ग्रामीण मतदाता बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) के पास पहुंचे, विलोपित सूची देखकर हक्के-बक्के रह गए। ग्रामीणों का आरोप है कि विलोपित सूचियों में करीब 80 प्रतिशत नाम गलत तरीके से काट दिए गए हैं।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव से पहले अंतिम सूची ने बढ़ाई चिंता
डोर-टू-डोर सत्यापन न होने से युवा मतदाता हुए बाहर
आगरा/फतेहपुर सीकरी। फतेहपुर सीकरी ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायतों में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव से पहले प्रकाशित की गई पंचायत निर्वाचन नामावली ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। 27 दिसंबर 2025 को प्रत्येक बूथ स्तर पर अंतिम मतदाता सूची और विलोपित मतदाता सूचियों का प्रकाशन किया गया। जैसे ही मतदान के प्रति जागरूक ग्रामीण मतदाता बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) के पास पहुंचे, विलोपित सूची देखकर हक्के-बक्के रह गए। ग्रामीणों का आरोप है कि विलोपित सूचियों में करीब 80 प्रतिशत नाम गलत तरीके से काट दिए गए हैं।
जानकारी के अनुसार पंचायत निर्वाचन नामावली में संशोधन का कार्य सितंबर 2025 में शुरू हुआ था। नियमानुसार प्रत्येक वार्ड में बीएलओ को डोर-टू-डोर जाकर सत्यापन करना था, लेकिन आरोप है कि बीएलओ ने विद्यालयों में बैठकर ही सूची तैयार कर दी।
वार्ड संख्या 1 से 6 तक की जिम्मेदारी मदन मोहन अनुदेशक, पूर्व माध्यमिक विद्यालय सीकरी (चार हिस्सा) को सौंपी गई थी, जबकि वे अवैतनिक रूप से कार्यरत थे। उन्होंने तहसील किरावली पर कार्य करने से मना भी किया था, इसके बावजूद उनके स्थान पर किसी अन्य बीएलओ की ड्यूटी नहीं लगाई गई।
वार्ड 1 से 6 में 350 वोट बिना कारण कटे
ग्रामीणों का दावा है कि वार्ड संख्या 1 से 6 में लगभग 350 मतदाताओं के नाम बिना किसी ठोस कारण के विलोपित कर दिए गए। इससे न केवल पुराने मतदाता प्रभावित हुए, बल्कि नए मतदाताओं को जोड़ने की प्रक्रिया भी प्रभावित हुई।
युवा मतदाता सूची से बाहर, पुनरीक्षण न होने का आरोप
विलोपन सूची के साथ-साथ नए मतदाताओं को जोड़ने का कार्य भी किया जाना था, लेकिन डोर-टू-डोर मतदाता पुनरीक्षण न होने के कारण बड़ी संख्या में युवा मतदाता सूची से वंचित रह गए। सूची प्रकाशित होने के बाद जैसे-जैसे यह जानकारी फैली, ग्रामीणों में रोष बढ़ता गया।
पूर्व प्रधान के आवास पर जुटे मतदाता, प्रशासन से शिकायत
पूर्व प्रधान स्वर्गीय विमला देवी के आवास पर उनके पुत्र महावीर सिंह वर्मा के पास बड़ी संख्या में मतदाता पहुंचे। मतदाताओं ने आधार कार्ड सहित अपने आवश्यक दस्तावेज सौंपे हैं, जिन्हें उप जिलाधिकारी किरावली के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। साथ ही इस पूरे मामले को लेकर मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायती पत्र प्रेषित किया गया है।
निष्पक्ष पुनरीक्षण की मांग, न्याय की गुहार
महावीर सिंह वर्मा ने उप जिलाधिकारी और निर्वाचन आयोग से पंचायत निर्वाचन नामावली 2025 को लेकर पुनः विशेष पुनरीक्षण अभियान चलाकर वंचित मतदाताओं के नाम सूची में शामिल करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि ब्लॉक स्तर पर सभी ग्राम पंचायतों में प्रधान और पूर्व प्रधान स्वयं आम मतदाता—किसान, मजदूर—के बीच जाकर सूची पढ़कर सुनाएं, तभी मतदाताओं के साथ न्याय हो सकेगा।