आंबेडकर विवि कुलपति की सख्ती: परिसर में बढ़ेगी निगरानी, छुट्टी के दिन आने वाले टीचर्स की एंट्री होगी

आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए कुलपति प्रो. आशु रानी ने बुधवार को सख्त रुख अपनाया। उन्होंने विश्वविद्यालय सचिवालय स्थित बृहस्पति भवन में एक आपात बैठक बुलाकर सभी आवासीय संस्थानों के निदेशकों, विभागाध्यक्षों और प्रभारी अधिकारियों को सुरक्षा, अनुशासन और पारदर्शिता से जुड़ी नीतियों पर स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए।

Oct 29, 2025 - 19:14
Oct 29, 2025 - 19:18
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आंबेडकर विवि कुलपति की सख्ती: परिसर में बढ़ेगी निगरानी, छुट्टी के दिन आने वाले टीचर्स की एंट्री होगी
आंबेडकर विश्वविद्यालय के बृहस्पति भवन में संस्थानों के निदेशकों और विभागाध्यक्षों के साथ बैठक करतीं कुलपति प्रो. आशु रानी।

कुलपति ने कहा कि अब विश्वविद्यालय में किसी भी स्तर पर ढिलाई या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हर विभाग को जिम्मेदारी और समयबद्धता से कार्य करना होगा। समझा जा रहा है कि विवि के रसायन विज्ञान विभाग के एक शिक्षक पर शोध छात्रा द्वारा दुष्कर्म का आरोप लगाये जाने के बाद कुलपति ने सख्त रवैया अपनाया है।

निगरानी और सुरक्षा पर कड़ा नियंत्रण

कुलपति ने स्पष्ट आदेश दिए कि सभी संस्थानों में सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगाए जाएं और उनकी नियमित मॉनिटरिंग की जाए।
उन्होंने कहा कि संस्थान निर्धारित समय पर खुलें और बंद हों तथा बाहरी व्यक्तियों या विद्यार्थियों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
सुरक्षा व्यवस्था की नियमित समीक्षा संबंधित निदेशक करेंगे और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना दी जाएगी।

अनुशासन और जवाबदेही तय

कुलपति ने कहा कि हर आने-जाने वाले व्यक्ति का विवरण रजिस्टर में दर्ज किया जाए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
यदि कोई विभाग या संस्थान निर्धारित समय से पहले या बाद में खुलता है तो इसके लिए संबंधित विभागाध्यक्ष या निदेशक की पूर्व अनुमति अनिवार्य होगी।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि छुट्टी के दिन आने वाले शिक्षकों की उपस्थिति रजिस्टर में दर्ज की जाएगी, ताकि कार्यसंस्कृति में पारदर्शिता बनी रहे।

बिना अनुमति छुट्टी पर वेतन रुकेगा

कुलपति प्रो. आशु रानी ने दो टूक कहा कि गैर-शैक्षणिक कर्मचारी बिना अनुमति अवकाश नहीं लेंगे। यदि कोई कर्मचारी बिना बताए छुट्टी लेता है, तो उसका वेतन तत्काल रोका जाएगा। उन्होंने कहा कि यह सख्ती अनुशासन, जवाबदेही और कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए आवश्यक है, और किसी को भी विशेष छूट नहीं दी जाएगी।

संवाद और समन्वय पर बल

कुलपति ने निदेशकों और विभागाध्यक्षों को यह भी निर्देश दिया कि विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों के बीच संवाद बना रहे। उन्होंने कहा कि संवाद और समन्वय ही सकारात्मक कार्यसंस्कृति की नींव हैं। सभी संस्थान यह सुनिश्चित करें कि विश्वविद्यालय में सौहार्दपूर्ण और प्रगतिशील माहौल कायम रहे।

 

SP_Singh AURGURU Editor