फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ के खिलाफ आगरा में उबाल, परशुराम चौक पर ब्राह्मण समाज का जोरदार प्रदर्शन

फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ के खिलाफ आगरा में ब्राह्मण समाज ने परशुराम चौक पर जोरदार प्रदर्शन किया। अर्धनग्न प्रदर्शन, शंखनाद और नारेबाजी के जरिए फिल्म के नाम और कंटेंट को सनातन धर्म व पंडित समाज की छवि को ठेस पहुंचाने वाला बताया गया। समाज ने चेतावनी दी कि फिल्म रिलीज हुई तो बड़ा आंदोलन और कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी।

Feb 7, 2026 - 17:52
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फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ के खिलाफ आगरा में उबाल, परशुराम चौक पर ब्राह्मण समाज का जोरदार प्रदर्शन
अर्धनग्न होकर, चोटी खोलकर और शंख बजाकर प्रदर्शन करते ब्राह्मण समाज के लोग।

अर्धनग्न प्रदर्शन, शंखनाद और चेतावनी-फिल्म नहीं रुकी तो आर-पार की लड़ाई

आगरा। फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ को लेकर देशभर में उठ रहे विरोध की आंच आगरा तक पहुंच गई। आवास विकास कालोनी स्थित परशुराम चौक पर ब्राह्मण समाज के लोगों ने एकजुट होकर फिल्म के नाम और कथानक के खिलाफ तीखा प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कुछ लोग अर्धनग्न होकर, चोटी खोलकर और शंख बजाते हुए नजर आए। उन्होंने फिल्ममेकर नीरज पांडे के खिलाफ नारेबाजी कर अपना रोष जाहिर किया।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि फिल्म के जरिए पंडित समाज और सनातन धर्म की छवि को जानबूझकर गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। समाज के लोगों ने आरोप लगाया कि धार्मिक पहचान से जुड़े एक पात्र को भ्रष्टाचार जैसे आरोपों से जोड़कर पूरे समुदाय को बदनाम करने का प्रयास किया गया है, जो किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है।

ब्राह्मण समाज के मदन मोहन शर्मा ने कहा कि यह प्रदर्शन सरकार और प्रशासन को चेताने के लिए किया गया है। यह अभी छोटा सा, अर्धनग्न विरोध है। अगर फिल्म इसी नाम से या नाम बदलकर भी रिलीज की गई, तो समाज सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेगा और कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

प्रदर्शनकारियों ने शंखनाद को “युद्ध का आगाज़” बताते हुए कहा कि अगर फिल्म पर रोक नहीं लगी तो आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। समाज के लोगों का कहना है कि बार-बार सनातन धर्म की आस्था पर प्रहार किया जा रहा है, जिसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

ब्राह्मण समाज ने यह भी स्पष्ट किया कि जरूरत पड़ने पर वे इस मामले को हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक ले जाएंगे। प्रदर्शन के दौरान यह दावा भी किया गया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान ले लिया है, इसलिए फिल्म को रिलीज नहीं होने दिया जाएगा।

प्रदर्शनकारियों ने यह आरोप भी लगाया कि समाज के भीतर ही कुछ लोग आपसी विवाद कराकर राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे समाज को बांटने का काम हो रहा है। इस दौरान यूजीसी से जुड़े मुद्दों को लेकर भी नाराजगी जताई गई और सुप्रीम कोर्ट द्वारा संबंधित बिल पर रोक लगाए जाने के फैसले का स्वागत किया गया। पूरे प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी जारी रही और प्रशासन से फिल्म पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई।