आगरा में जानवरों के समर्थन में सड़कों पर उतरे एनिमल लवर्स, पैदल मार्च निकाला

आगरा। दिल्ली एनसीआर के स्ट्रे डॉग्स को पाउंड में भेजने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश ने पूरे देश के एनिमल लवर्स को झकझोर दिया है। इसी कड़ी में रविवार शाम आगरा में एनिमल फीडर ग्रुप ‘विनी वॉइस वॉइसलेस’ ने राजा मंडी चौराहे से भगवान टॉकीज तक पैदल मार्च निकालकर इस आदेश के प्रति विरोध जताया।

Aug 17, 2025 - 19:30
Aug 17, 2025 - 19:35
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आगरा में जानवरों के समर्थन में सड़कों पर उतरे एनिमल लवर्स, पैदल मार्च निकाला
जानवर हमसे करें पुकार… बंद करो ये अत्याचार, आगरा में एनिमल फीडर्स का विरोध मार्च।

सैकड़ों पशु-प्रेमी हाथों में तख्तियाँ और पोस्टर्स लेकर निकले। नारे गूंजे- डॉग पाउंड = लाइफ एंड, आवारा नहीं, हमारा है, पशु क्रूरता बंद करो आदि। पूरा महात्मा गांधी मार्ग- जानवर हमसे करें पुकार… बंद करो ये अत्याचार... जैसे नारों से गूंज उठा।

कुत्तों के साथ क्रूरता बंद हो

विनी वॉइस वॉइसलेस की संयोजक विनीता शर्मा ने कहा कि यह आदेश न केवल पशुओं के अधिकारों के खिलाफ है, बल्कि भारत के संविधान और एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) रूल्स 2023 की भावना का भी उल्लंघन करता है। कुत्तों के साथ क्रूरता और अमानवीय व्यवहार तुरंत बंद होना चाहिए। हर जीव का जीवन मूल्यवान है और उसकी रक्षा हमारी नैतिक जिम्मेदारी है।

पशुओं के प्रति करुणा ही मानवता का असली रूप

कार्यक्रम में पीपल फॉर एनिमल्स दयालबाग की प्रमुख डॉ. सुरत प्रसाद मुख्य अतिथि रहीं। उन्होंने कहा कि पशुओं के प्रति प्रेम और करुणा ही मानवता का असली रूप है। जो समाज जानवरों के साथ हिंसा करता है, वह कभी सभ्य नहीं कहलाया जा सकता।

एबीसी रूल्स 2023 के तहत ये हैं डॉग्स के कानूनी अधिकार

एबीसी नियम 2023 के तहत आवारा कुत्तों के कानूनी अधिकार हैं कि नसबंदी और टीकाकरण के बाद कुत्तों को उनके क्षेत्र में ही छोड़ा जाए। अवैध स्थानांतरण पर रोक हो सिवाय जीवन-खतरे की स्थिति के। पकड़ने या प्रक्रिया के दौरान क्रूरता कानूनन अपराध है। प्रत्येक पशु संरक्षण केंद्र के पास मान्यता प्रमाणपत्र होना अनिवार्य है। पकड़े गए कुत्तों को पर्याप्त भोजन, पानी, चिकित्सा और सुरक्षित वातावरण दिया जाए और हर केंद्र में निगरानी समिति तथा शिकायत निवारण की व्यवस्था हो।

विनी वॉइस वॉइसलेस ने उठाई ये नौ मांगें

विनी वॉइस वॉइसलेस की प्रमुख मांगें हैं कि नगर निगम नियम 2023 के तहत कार्यक्रम चलाए, प्रत्येक केंद्र में मान्यता प्रमाणपत्र अनिवार्य हो। जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए। अवैध स्थानांतरण करने वाले आरडब्ल्यूए पर कार्रवाई हो। हर जीव के जीवन का सम्मान सुनिश्चित किया जाए। किसी भी महत्वपूर्ण मूवमेंट में स्थानांतरण रोका जाए। अवैध स्थानांतरण से बढ़ रहे कुत्ते काटने की घटनाओं पर रोक लगाई जाए। केवल मान्यता प्राप्त शेल्टर होम में ही नसबंदी और टीकाकरण हो और सभी केंद्रों की नियमित निगरानी और ऑडिट की जाए।

इस पैदल मार्च में नीलम चतुर्वेदी, डॉ. रजनी भारती सहित शहर के तमाम लोग शामिल हुए। सबकी एक ही आवाज थी- पशु हमारे साथी हैं, अत्याचार नहीं सहेंगे।

SP_Singh AURGURU Editor