दयालबाग के खेतों में वार्षिक समारोह, भक्ति-उत्साह से सराबोर रहा वातावरण, टेलरिंग स्कूल, सीआरसी व 13 छप्पर/20 कोठरी की प्रस्तुतियों ने मन मोहा

आगरा। दयालबाग के पावन खेतों में आज संयुक्त वार्षिक समारोह अत्यंत हर्षोल्लास, उत्साह और उमंग के साथ सम्पन्न हुआ। इस भव्य आयोजन में टेलरिंग स्कूल, चिल्ड्रन्स रिक्रिएशन सेंटर (सीआरसी) तथा 13 छप्पर / 20 कोठरी से संबंधित विविध रचनात्मक व आध्यात्मिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। नियमित कृषि गतिविधियों के साथ आयोजित इस समारोह ने श्रम, साधना और सृजन का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया।

Jan 18, 2026 - 21:51
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दयालबाग के खेतों में वार्षिक समारोह, भक्ति-उत्साह से सराबोर रहा वातावरण, टेलरिंग स्कूल, सीआरसी व 13 छप्पर/20 कोठरी की प्रस्तुतियों ने मन मोहा
दयालबाग के खेतों में रविवार को हुए वार्षिक समारोह में मनमोहक प्रस्तुतियां देते बच्चे।

जब गुरु महाराज एवं रानी साहिबा जी दयालबाग के खेतों में पधारे, तो पूरे वातावरण में आध्यात्मिक उल्लास का संचार हो गया। कार्यक्रम का शुभारंभ संयुक्त प्रार्थना से हुआ। सर्वप्रथम “तेरे चरणों में” शीर्षक से जॉइंट प्रेयर सम्पन्न कराई गई, जिसमें उपस्थित सभी सत्संगियों ने भावविभोर होकर सहभागिता की।

इसके पश्चात टेलरिंग स्कूल की ओर से शब्द-पाठ की सारगर्भित प्रस्तुति दी गई। वहीं चिल्ड्रन्स रिक्रिएशन सेंटर (सीआरसी) के बच्चों ने भावपूर्ण गीत प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। इसके बाद 13 छप्पर / 20 कोठरी समूह द्वारा प्रस्तुत “दिल का हुज़रा” कार्यक्रम ने वातावरण को गहन भावनाओं से भर दिया और उपस्थित जनसमूह को आत्मचिंतन की ओर प्रवृत्त किया।

कार्यक्रम के समापन पर पुनः संयुक्त प्रार्थना कर समारोह को विराम दिया गया। इस अवसर पर देश-विदेश से लाखों सत्संगियों ने ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से सहभागिता की। आयोजन का देश-विदेश के लगभग 580 केंद्रों पर सजीव प्रसारण किया गया, जिससे बड़ी संख्या में सत्संगी इस आध्यात्मिक आयोजन से जुड़े।

संयुक्त वार्षिक समारोह के उपरांत पूर्व निर्धारित अन्य गतिविधियों का भी क्रमबद्ध रूप से आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वीना कुमार (समन्वयक, चिल्ड्रन्स रिक्रिएशन सेंटर) के साथ प्रीतम प्यारी, मोना सतसंगी, वीना सतसंगी, माला श्रीवास्तव, डी. बसंता, इन्दु मिश्रा, गीता खत्री, नम्रता गुप्ता, जसप्रीत सक्सेना, सुरत वर्मा सहित विभिन्न कार्यक्रम समूहों से जुड़े प्रतिभागी, विद्यार्थी एवं संस्थाओं के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

समारोह के दौरान सभी प्रतिभागियों ने अपने-अपने कार्यक्रमों के माध्यम से रचनात्मक गतिविधियों का अनुशासित और सुंदर प्रदर्शन किया। संपूर्ण वातावरण भक्ति, अनुशासन और उल्लास से परिपूर्ण रहा, जिसने दयालबाग की सांस्कृतिक-आध्यात्मिक परंपरा को और अधिक सुदृढ़ किया।

SP_Singh AURGURU Editor