बरेली में एक और बीएलओ-शिक्षक की मौत, परिजन एसआईआर ड्यूटी का दबाव बता रहे मृत्यु की वजह
बरेली जनपद में एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) कार्य से जुड़े बीएलओ/शिक्षक की एक और मौत ने शिक्षा विभाग और प्रशासनिक तंत्र को झकझोर कर रख दिया है। रविवार रात हुई इस आकस्मिक मौत के बाद परिजनों ने जहां अत्यधिक कार्य-दबाव को वजह बताया है, वहीं प्रशासन इसे प्राकृतिक मृत्यु करार दे रहा है।
-रमेश कुमार सिंह-
बरेली। जिले के बिशारतगंज क्षेत्र स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय कन्या कंपोजिट के इंचार्ज प्रधानाचार्य एवं बीएलओ विनोद कुमार शर्मा का रविवार रात अचानक निधन हो गया। उनकी मौत की खबर से सोमवार सुबह ही शिक्षा विभाग और निर्वाचन कार्य से जुड़े अधिकारियों में हड़कंप मच गया। सोमवार को उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
प्रशासन का पक्ष: प्राकृतिक मृत्यु
बरेली की जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डा. विनीता ने सोमवार को बताया कि विनोद कुमार शर्मा का एसआईआर कार्य आठ दिसंबर को ही समाप्त हो चुका था। परिजनों द्वारा पोस्टमार्टम नहीं कराया गया है और यह एक प्राकृतिक मृत्यु प्रतीत होती है। मामले की सूचना उप जिला निर्वाचन अधिकारी संतोष कुमार सिंह को दे दी गई है।
बीएलओ के रूप में थी तैनाती
खंड शिक्षाधिकारी मझगवां सुनील कुमार ने बताया कि विनोद कुमार शर्मा बिथरी चैनपुर विधानसभा क्षेत्र के भाग संख्या 261 में बीएलओ के रूप में तैनात थे और एसआईआर कार्य में लगे हुए थे।
परिजनों का आरोप: अत्यधिक दबाव बना मौत की वजह
मृतक शिक्षक के पुत्र शिवांश शर्मा ने बताया कि रविवार रात भोजन करने के बाद उनके पिता अपने कमरे में सोने चले गए थे। रात करीब 12 बजे अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और कुछ ही देर में उनकी सांसें थम गईं। परिजनों का मानना है कि उनकी मौत हार्ट अटैक से हुई है।
शिवांश ने बताया कि उनके पिता वर्ष 2027 में सेवानिवृत्त होने वाले थे और एसआईआर ड्यूटी के कारण वे लगातार तनाव में रहते थे। उन्होंने ड्यूटी से मुक्त किए जाने के लिए खंड शिक्षा अधिकारी को पत्र भी लिखा था, जिसमें बढ़ती उम्र, आंखों की समस्या और मोबाइल पर ऑनलाइन कार्य करने में असमर्थता का उल्लेख किया गया था।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी एसआईआर ड्यूटी के दौरान बीएलओ/शिक्षक सर्वेश कुमार गंगवार की मौत हो चुकी है, जिन्हें कार्य के दौरान हार्ट अटैक आया था। लगातार दूसरी मौत के बाद शिक्षकों में भय और आक्रोश दोनों व्याप्त हैं।