आगरा में बहू-बेटा और नाती का हत्या कराने वाला अनवर 15 साल बाद पुलिस के शिकंजे में

आगरा। सिकंदरा थाना पुलिस ने 15 साल पुराने ट्रिपल मर्डर केस में फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर एक लंबी जांच को अंजाम तक पहुंचा दिया है। आरोपी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था और वह वर्ष 2010 से लगातार पुलिस की गिरफ्त से बचता फिर रहा था। आरोपी ने इतने वर्षों तक अपना नाम, ठिकाना और पहचान बदल-बदलकर अलग-अलग शहरों में रहकर पुलिस को चकमा दिया।

Oct 14, 2025 - 18:38
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आगरा में बहू-बेटा और नाती का हत्या कराने वाला अनवर 15 साल बाद पुलिस के शिकंजे में

2010 का दिल दहला देने वाला मामला

डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि वर्ष 2010 में सिकंदरा थाना क्षेत्र में एक भीषण हत्याकांड ने पूरे शहर को हिला दिया था। आरोपी अनवर ने अपनी बहू आसमा, बेटा सानू और दो वर्षीय नाती की हत्या की सुपारी दी थी। कारण था— बहू द्वारा दर्ज कराया गया दहेज उत्पीड़न मुकदमा। हत्या के बाद तीनों शवों को सेप्टिक टैंक में फेंक दिया गया था।

इस मामले में अनवर और उसकी पत्नी को पहले ही गिरफ्तार कर उम्रकैद की सजा सुनाई जा चुकी है, जबकि हत्या की सुपारी लेने वाले दो व्यक्तियों— गुलशेर और करीम में से गुलशेर को 2013 में पुलिस ने दबोच लिया था, लेकिन करीम तब से फरार था।

चेहरे पर रुमाल, पहचान छिपाकर भागता रहा आरोपी

पुलिस के अनुसार, अनवर पिछले 15 वर्षों से अलग-अलग शहरों में किराए के मकानों में रहकर अपनी पहचान बदलता रहा। वह अक्सर अपने चेहरे पर रुमाल बांधकर निकलता था ताकि कोई पहचान न सके। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर सुनारी गांव के पास से उसे गिरफ्तार किया।

पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह पिछले वर्षों में दिल्ली, जयपुर और अलीगढ़ जैसे शहरों में अलग-अलग नामों से रह चुका है। पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि फरारी के दौरान उसने किन-किन लोगों से संपर्क रखा।

डीसीपी ने दी टीम को बधाई

डीसीपी सोनम कुमार ने सिकंदरा थाना पुलिस टीम की सराहना करते हुए कहा कि 15 वर्षों बाद आरोपी की गिरफ्तारी पुलिस की लगन, तकनीकी जांच और सतत निगरानी का परिणाम है। उन्होंने कहा कि यह गिरफ्तारी पीड़ित परिवार को न्याय की दिशा में एक बड़ी राहत है।

SP_Singh AURGURU Editor