छावनी के बंगला नंबर 45 और 46 के वोटर क्या बांग्लादेशी हैं, जांच को डीएम ने बनाई कमेटी
आगरा। जिलाधिकारी अरविंद मलप्पा बंगारी ने छावनी परिषद के वार्ड दो स्थित बंगला नंबर 45 और 46 में रहने वाले मतदाताओं की जांच शुरू करा दी है। इसके लिए छावनी विधानसभा क्षेत्र के सहायक रिटर्निग ऑफिसर एसीएम प्रथम के नेतृत्व में पांच सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। इन मतदाताओं के बांग्लादेशी होने का शक है। इस मुद्दे पर कार्रवाई को लेकर छावनी क्षेत्र के विधायक डॉ. जीएस धर्मेश लंबे समय से प्रयासरत हैं।
-विधायक डॊ.जीएस धर्मेश दोनों बंगलों में रह रहे लोगों के बांग्लादेशी होने का आरोप लगाते आ रहे हैं
छावनी क्षेत्र के विधायक डॉ. जीएस धर्मेश और पूर्व विधायक केशों मेहरा ने विगत छह जुलाई को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर उन्हें छावनी क्षेत्र के बंगला नंबर 45 और 46 में रह रहे लोगों के बारे में जानकारी दी और आशंका जताई कि दोनों बंगलों में बांग्लादेशी रह रहे हैं। इन्होंने फर्जी आधार कार्ड और दस्तावेजों के आधार पर अपने नाम मतदाता सूची में दर्ज करा लिए हैं।
विधायक डॉ. धर्मेश ने रक्षा मंत्री को यह भी बताया था कि कुछ वर्ष पूर्व सीओ सदर कार्यालय के पास हुए बम धमाके में इन्हीं बांग्लादेशियों का हाथ था। इसके साक्ष्य भी मिल गए थे पर कार्रवाई नहीं हुई। इसी तरह इन लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाने के लिए उच्चतम न्यायालय के आदेश को भी ताक पर रख दिया गया।
विधायक डॉ. धर्मेश की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए रक्षामंत्री ने शिकायती पत्र को जिला निर्वाचन अधिकारी/ जिलाधिकारी को कार्रवाई के लिए भेजा। डीएम ने इसकी जांच के लिए एसीएम प्रथम की अध्यक्षता में कमेटी गठित की है। इसका सदस्य सदर तहसील के तहसीलदार, चकबंदी अधिकारी, छावनी परिषद के कार्यालय अधीक्षक और सहायक अध्यापक अविनाश पाठक को बनाया गया है। जिलाधिकारी ने कमेटी को एक सप्ताह में जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।