शस्त्र लाइसेंस घोटाला, सेना के जवान भी बने शिकार, 100 से अधिक लाइसेंसों में छेड़छाड़
आगरा में 100 से अधिक शस्त्र लाइसेंसों में छेड़छाड़ का बड़ा खुलासा हुआ है। आयुध कार्यालय के कर्मचारियों पर यूनिक आईडी बदलने और पोर्टल लॉगिन का दुरुपयोग कर नाम-पते में बदलाव करने के आरोप हैं। फर्जी दस्तावेजों के जरिए अवैध हथियार खरीद के मामले सामने आए हैं। एसटीएफ ने 100 से अधिक दस्तावेज जब्त कर संजय कपूर और प्रशांत कुमार के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। मामला पिछले साल थाना नाई की मंडी में दर्ज मुकदमे से जुड़ा है।
कर्मचारियों पर यूनिक आईडी बदलने के आरोप, शस्त्र लाइसेंस डेटा से छेड़छाड़ का खुलासा, दूसरे जिलों के लाइसेंसों में बदले नाम-पते
आगरा। आगरा में शस्त्र लाइसेंसों के फर्जीवाड़े की जांच तेज हो गई है। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की पड़ताल में 100 से अधिक शस्त्र लाइसेंसों में गंभीर अनियमितताएं और छेड़छाड़ का खुलासा हुआ है। इस मामले में आयुध (आर्म्स) कार्यालय के कर्मचारियों पर यूनिक आईडी बदलने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं।इधर अरशद और जैद की जमानत के मामले में 16 फरवरी को सुनवाई होगी।
जांच में सामने आया है कि शस्त्र लाइसेंस पोर्टल के लॉगिन का दुरुपयोग कर दूसरे जिलों के लाइसेंसों में नाम और पता बदल दिए गए। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अवैध रूप से हथियार खरीदे जाने के मामले भी सामने आए हैं।
बताया जा रहा है कि इस गिरोह ने पोर्टल एक्सेस का गलत इस्तेमाल करते हुए कई वैध लाइसेंस धारकों, यहां तक कि सेना के जवानों के लाइसेंस में भी छेड़छाड़ की। कई सैनिकों को तब धोखाधड़ी का पता चला जब उनके नाम पर हथियारों की खरीद की जानकारी सामने आई।
एसटीएफ ने कार्रवाई करते हुए 100 से अधिक संदिग्ध दस्तावेज जब्त किए हैं। जांच के बाद संजय कपूर और प्रशांत कुमार के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। यह मामला पिछले वर्ष थाना नाई की मंडी में दर्ज मुकदमे से जुड़ा है, जिसमें अरशद, जैद, राजेश बघेल, भूपेंद्र सारस्वत, संजय कपूर सहित अन्य आरोपियों को नामजद किया गया था।
जांच एजेंसियां अब यह भी पता लगा रही हैं कि इस फर्जीवाड़े का नेटवर्क कितने जिलों तक फैला है और इसमें और कौन-कौन शामिल हैं। प्रशासनिक स्तर पर भी मामले को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है, क्योंकि यह सीधे सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा मामला है।