एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री योगी ने जैसे ही सांसद राजकुमार चाहर को गाड़ी में बैठाया, चाहर ने सीधे उठा दिया टीटीजेड प्रतिबंधों का दर्द, सीएम बोले- सारे दस्तावेज लेकर लखनऊ आओ, सरकार सरकार उचित कदम उठाएगी
आगरा के औद्योगिक भविष्य को वर्षों से जकड़कर बैठा टीटीजेड का प्रतिबंध एक बार फिर केंद्र में आ गया, जब सोमवार को एसआईआर समीक्षा बैठक के लिए आगरा पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष फतेहपुरसीकरी के सांसद राज कुमार चाहर ने विनम्रता के साथ यह मुद्दा उठाया। सांसद चाहर को टीटीजेड का दर्द बयां करने का मौका उस समय मिल गया जब वे आगरा एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री की अगवानी करने के लिए पहुंच हुए थे और यहां मुख्यमंत्री ने उन्हें अपनी गाड़ी में बैठा लिया। सांसद ने टीटीजेड के औद्योगिक प्रतिबंधों के कारण आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा और हाथरस के ठप पड़े औद्योगिक विकास की पूरी तस्वीर विस्तार से रखी। सांसद की बात सुनकर मुख्यमंत्री ने सहमति जताई और स्पष्ट कहा कि सारे कागजात लेकर लखनऊ आएं, सरकार उचित निर्णय लेगी।
आगरा। सोमवार को एसआईआर की समीक्षा के लिए आगरा आए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष फतेहपुरसीकरी के सांसद राज कुमार चाहर ने टीटीजेड (ताज ट्रेपेज़ियम ज़ोन) के कठोर प्रतिबंधों का मुद्दा उठाया और आग्रह किया कि टीटीजेड को समाप्त किया जाए।
मुख्यमंत्री योगी आज जब आगरा एयरपोर्ट पहुंचे तो वहां उनकी अगवानी करने के लिए मौजूद जनप्रतिनिधियों में फतेहपुरसीकरी के सांसद राज कुमार चाहर भी थे। सांसद चाहर को देखकर मुख्यमंत्री मुस्कराए और बोले- अरे चाहर जी, आप यहां! आपकी तो संसद चल रही है।
इसके बाद मुख्यमंत्री योगी अन्य जनप्रतिनिधियों से मिलते हुए अपनी गाड़ी की ओर बढ़े और उन्होंने सांसद चाहर को अपने साथ गाड़ी में बैठा लिया। एयरपोर्ट से मंडलायुक्त सभागार तक की यात्रा के दौरान सांसद ने मुख्यमंत्री के समक्ष आगरा के टीटीजेड प्रतिबंधों का पूरा मामला विस्तार से रखा।
सांसद ने बताया कि उन्होंने इस विषय को संसद में भी उठाया है और आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा, हाथरस की औद्योगिक स्थिति बेहद दयनीय है क्योंकि टीटीजेड के नाम पर वर्षों से उद्योग बंद हैं और ताजमहल के कारण नए उद्योग लगाने पर भी प्रतिबंध लागू है।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उन्हें बताया गया था कि सांसद ने संसद में आगरा में टीटीजेड को लेकर औद्योगिक बाधाओं का मुद्दा उठाया है। इस पर सांसद ने कहा कि ताजमहल को प्रदूषण से बचाने के नाम पर आगरा के उद्योग बंद करा दिए गए, जबकि प्रदूषण दिल्ली में आगरा से भी कई गुना अधिक है, लेकिन वहां इस तरह के प्रतिबंध कहीं नहीं हैं।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि टीटीजेड के कारण चार जिलों, आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा और हाथरस का औद्योगिक विकास लगभग रुक गया है, जबकि यहां लाखों लोगों की आजीविका उद्योगों पर निर्भर है।
सांसद की बातों पर सहमति जताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आप टीटीजेड से संबंधित सारे कागजात लेकर लखनऊ आइए। सरकार इस पर उपयुक्त कदम उठाएगी।
मुख्यमंत्री के इस बयान से उद्योग जगत और स्थानीय लोगों में उम्मीद की नई किरण जगी है कि लंबे समय से चले आ रहे औद्योगिक प्रतिबंध आखिरकार हट सकते हैं।