असीम मुनीर का सीडीएफ बनना तय, शहबाज ने की नोटिफिकेशन की सिफारिश

  पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के असीम मुनीर को चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज के तौर पर नोटिफाई करने की सलाह दी है। इसी के साथ असीम मुनीर के पाकिस्तान का पहला सीडीएफ नियुक्त होने का रास्ता साफ हो गया है। मुनीर की सीडीएफ के तौर पर नियुक्ति में देरी को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे थे।  

Dec 4, 2025 - 22:51
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असीम मुनीर का सीडीएफ बनना तय, शहबाज ने की नोटिफिकेशन की सिफारिश


इस्लामाबाद। पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर का पहला चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (सीडीएफ) बनना तय हो गया है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने राष्ट्रपति आसिफ अली जरादारी को असीम मुनीर को चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज के तौर पर नोटिफाई करने की सलाह दी है। इसके अलावा पाकिस्तानी वायुसेना प्रमुख जहीरुद्दीन बाबर सिद्धू को भी 2026 में उनका मौजूदा कार्यकाल खत्म होने के बाद दो साल का एक्सटेंशन दिया गया है। ऐसे में माना जा रहा है कि पाकिस्तान में शीर्ष नेतृत्व में जारी खींचतान अब खत्म हो गई है। इससे पहले मुनीर को सीडीएफ बनाने से रोकने के लिए इस्लामाबाद से लंदन तक बैठकों का दौर जारी था।

रिपोर्ट के अनुसार, असीम मुनीर पांच साल के लिए सीडीएफ अपॉइंट होंगे। बाद में उनके कार्यकाल को इतने ही और साल के लिए बढ़ाया जा सकता है। इससे मुनीर पाकिस्तान के सशस्त्र बलों के बॉस के रूप में अपना कार्यकाल जारी रखेंगे। वह पहले ही सेना प्रमुख के रूप में पाकिस्तान में सबसे शक्तिशाली थे। हालांकि, संविधान संशोधन के बाद वह कानूनी रूप से भी सबसे ऊपर हो गए हैं। उनके कार्यकाल को कानूनी समीक्षा से ऊपर रखा गया है। इसका मतलब है कि उनके कार्यकाल में लिए गए फैसलों के लिए कोई आपराधिक मामला नहीं चल सकता है।  
 
मुनीर को सीडीएफ बनने से रोकने के लिए पाकिस्तान में एक बड़ी लॉबी सक्रिय थी, जिनमें खुद प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ शामिल थे। कई रिपोर्टों में ऐसा कहा गया था कि नवाज शरीफ ऐसा नहीं चाहते थे कि असीम मुनीर सीडीएफ बनें। उनको डर था कि मुनीर के सीडीएफ बनने से पाकिस्तानी सरकार की बची-खुची शक्ति भी उनके पास से चली जाएगी। हालांकि, आखिर अंत में मुनीर की ही जीत हुई है और पाकिस्तान के नागरिक नेतृत्व को उनके आगे घुटने टेकने पड़े हैं।