कोर्ट में हमला, बाहर थाने का घेराव, पवन समाधिया पर हमले से भड़के किसान, दीवानी से न्यू आगरा तक तनाव

आगरा। दीवानी न्यायालय परिसर में वकीलों के दो गुटों के बीच पिछले तीन दिनों से जारी खींचतान और बढ़ते तनाव ने आज खतरनाक रूप ले लिया। जिस विवाद को सुलझाने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की कोशिशें जारी थीं, वही विवाद आज खुले हिंसक संघर्ष में बदल गया। इस बवाल का निशाना बने भारतीय किसान यूनियन भानू गुट के युवा प्रदेश अध्यक्ष पवन समाधिया, जो अपनी बहन पूजा शर्मा के साथ दहेज और भरण-पोषण केस की तारीख पर आए थे। किसान आरोपियों की गिरफ़्तारी की मांग को लेकर थाना न्यू आगरा में धरने पर बैठे हुए हैं।

Nov 20, 2025 - 21:39
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कोर्ट में हमला, बाहर थाने का घेराव, पवन समाधिया पर हमले से भड़के किसान, दीवानी से न्यू आगरा तक तनाव
बवाल के बाद दीवानी परिसर को खाली कराते हुए ।

दीवानी में चली लाठी–सरिया, तमंचे की बटें, आगरा कोर्ट परिसर में वकीलों के दो गुटों का तनाव बना बड़े बवाल का कारण

आगरा। दीवानी न्यायालय परिसर में वकीलों के दो गुटों के बीच पिछले तीन दिनों से जारी खींचतान और बढ़ते तनाव ने आज खतरनाक रूप ले लिया। जिस विवाद को सुलझाने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की कोशिशें जारी थीं, वही विवाद आज खुले हिंसक संघर्ष में बदल गया। इस बवाल का निशाना बने भारतीय किसान यूनियन भानू गुट के युवा प्रदेश अध्यक्ष पवन समाधिया, जो अपनी बहन पूजा शर्मा के साथ दहेज और भरण-पोषण केस की तारीख पर आए थे। किसान आरोपियों की गिरफ़्तारी की मांग को लेकर थाना न्यू आगरा में धरने पर बैठे हुए हैं।   

आरोप है कि अचानक 10–15 हमलावर वकील के चैंबर में घुस आए, जिनके हाथ में फरसा, तमंचा, लोहे की सरिया और डंडे थे। हमले का आरोप विकास पचौरी, अमित पचौरी, अमित बघेल, ऋषि चौहान सहित कई अज्ञात पर लगाया गया है।

दीवानी परिसर बना छावनी

हिंसक घटनाक्रम के बाद जिला प्रशासन और पुलिस महकमे में खलबली मची हुई है। बवाल की सूचना मिलते ही फौरन मौके पर पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार, डीआईजी/डीसीपी अली अब्बास, एडिशनल डीसीपी आदित्य कुमार, एसीपी अक्षय महादिक पहुंच गए। कई थानों की पुलिस फोर्स को कोर्ट में तैनात कर दिया गया। जिला जज और पुलिस कमिश्नर के बीच लंबी बैठक हुई, जिसके बाद पूरा परिसर छावनी में तब्दील कर दिया गया। वकीलों के गुटों के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए पुलिस की तैनाती और भी बढ़ा दी गई है।

चैंबर में घुसकर हमला किया—पवन समाधिया 

हमले के बाद घायल पवन समाधिया ने कहा कि मैं वकील साहब के पास बैठा था, तभी 10–15 लोग अंदर घुसे। एक के हाथ में तमंचा था, जिसकी बट से उसने मेरे सिर पर वार किया। तीन दिन से धमकी मिल रही थी। पवन ने कहा कि स्थिति इतनी बिगड़ चुकी है कि अब कोर्ट में भी सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं है।

भूख हड़ताल की चेतावनी, किसान संगठन ने थाना घेरा

हमले के बाद भारतीय किसान यूनियन भानू गुट के सैकड़ों किसान थाने पर जुट गए और थाने का घेराव कर दिया। उनकी प्रमुख मांग आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, कोर्ट परिसर में हथियार कैसे पहुँचे, इसकी जांच और पुलिस की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। पवन समाधिया ने कहा कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो घर नहीं जाऊँगा। थाने के गेट पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल करूँगा।

इधर पीड़िता पूजा शर्मा ने बताया कि  17 तारीख को 125 सीआरपीसी की डेट पर उसने कोर्ट में ही मुझे मारा। खर्चा देने से मना किया। जज मैडम ने समझाया, फिर भी वह हिंसा करता रहा। उन्होंने सवाल उठाया कि  इतनी पुलिस के बावजूद फरसा, बंदूक, सरिया कोर्ट में कैसे आ गई? मेरे भाइयों पर जानलेवा हमला हुआ। पूजा ने आरोप लगाया कि पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई नहीं कर रही है।