अवैध बाउंड्री निर्माण रोकने पर हमला, फायरिंग से बचकर खेतों में छिपा पीड़ित, पुलिस आयुक्त से मांगी सुरक्षा

आगरा। जिले के खेरागढ़ थाना क्षेत्र में जमीन विवाद को लेकर एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। दौरेठा निवासी रनवीर सिंह पुत्र स्वर्गीय अमर सिंह ने आरोप लगाया है कि खेत की जमीन पर अवैध कब्जे का विरोध करने पर दबंगों ने न सिर्फ उसकी गाड़ी तोड़फोड़ की, बल्कि अंधाधुंध फायरिंग कर उसे जान से मारने की कोशिश भी की। पीड़ित ने इस पूरे मामले को लेकर पुलिस आयुक्त से न्याय की गुहार लगाते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और अपने परिवार की सुरक्षा की मांग की है।

Dec 23, 2025 - 21:20
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अवैध बाउंड्री निर्माण रोकने पर हमला, फायरिंग से बचकर खेतों में छिपा पीड़ित, पुलिस आयुक्त से मांगी सुरक्षा
पुलिस आयुक्त कार्यालय के बाहर पीड़ित परिवार।

आगरा। जिले के खेरागढ़ थाना क्षेत्र में जमीन विवाद को लेकर एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। दौरेठा निवासी रनवीर सिंह पुत्र स्वर्गीय अमर सिंह ने आरोप लगाया है कि खेत की जमीन पर अवैध कब्जे का विरोध करने पर दबंगों ने न सिर्फ उसकी गाड़ी तोड़फोड़ की, बल्कि अंधाधुंध फायरिंग कर उसे जान से मारने की कोशिश भी की। पीड़ित ने इस पूरे मामले को लेकर पुलिस आयुक्त से न्याय की गुहार लगाते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और अपने परिवार की सुरक्षा की मांग की है।

पीड़ित के अनुसार, उसने थाना खेरागढ़ क्षेत्र के नगला विष्णु मौजा सरेंडा में संदीप पुत्र बाबू सिंह, निवासी नगला विष्णु से खेत खरीदा था। कुछ समय बाद उसे जानकारी मिली कि उक्त जमीन पर बालकृष्ण पुत्र रनबल सिंह, सौरभ पुत्र रनबल सिंह सहित अन्य लोगों द्वारा सीमेंटेड बाउंड्री बनाकर अवैध कब्जा किया जा रहा है।

रनवीर सिंह का कहना है कि उसने तत्काल फोन के माध्यम से बालकृष्ण से संपर्क कर अवैध निर्माण कार्य रोकने और राजस्व विभाग की टीम से जमीन की पैमाइश कराने के बाद ही किसी भी तरह का कार्य करने की बात कही, लेकिन आरोप है कि बालकृष्ण ने साफ तौर पर निर्माण रोकने से इनकार कर दिया। जब रनवीर सिंह मौके पर पहुंचा, तब तक आरोपी वहां से जा चुके थे।

आरोप है कि कुछ देर बाद जब वह दोबारा अपनी जमीन पर पहुंचा और सड़क किनारे गाड़ी खड़ी कर नीचे उतरा, तभी जगनेर की ओर से आई दो-तीन गाड़ियों में सवार पांच-छह लोगों ने अचानक उसकी गाड़ी के शीशे तोड़ दिए और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जान बचाने के लिए वह पास के खेतों में छिप गया। फायरिंग की इस घटना से इलाके में दहशत फैल गई।

इसके अलावा, पीड़ित ने आरोप लगाया है कि इससे पहले 20 दिसंबर 2025 की शाम करीब 7 बजे आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की, गाली-गलौज की, उसकी गाड़ी की चाबी छीन ली और जमीन पर दोबारा दिखाई देने पर जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए थे। इन घटनाओं के बाद से पीड़ित और उसका परिवार भय और तनाव के माहौल में जीने को मजबूर है।

रनवीर सिंह ने पुलिस आयुक्त से मामले में त्वरित जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने और उसे तथा उसके परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। वहीं इस संबंध में थाना खेरागढ़ के प्रभारी निरीक्षक मदन सिंह का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।