दिन के उजाले में केंद्रीय हिंदी संस्थान की जमीन कब्जाने की कोशिश
आगरा। केंद्रीय हिंदी संस्थान के मुख्य द्वार के सामने मुख्य मार्ग पर स्थित एक मंदिर की आड़ लेकर संस्थान की भूमि के पर कब्जे का प्रयास किया गया। संस्थान प्रशासन की शिकायत पर मौके पर पहुंची पुलिस ने काम रुकवा दिया है।
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संस्थान के मुख्य द्वार के सामने मंदिर की आड़ में शुरू कर दिया संस्थान की जमीन पर अवैध निर्माण, पुलिस ने काम रुकवाया
केंद्रीय हिंदी संस्थान के मुख्य द्वार के सामने बहुत छोटे आकार का एक पुराना शिव मंदिर है। समय के साथ इस मंदिर का आकार कुछ बढ़ भी गया है। मंदिर के आसपास की सारी जमीन केंद्रीय हिंदी संस्थान की है।
विगत 17 नवंबर को दोपहर एक बजे मंदिर से सटी भूमि पर नींव की खुदाई कर दी गई। आनन-फानन में ईंटें और अन्य निर्माण सामग्री भी आ गई और नींव भरने का काम शुरू हो गया। संस्थान प्रशासन का कहना है कि यह निर्माण सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने के लिए किया जा रहा है। वहां कमरा बनाने की कोशिश चल रही है।
संस्थान प्रशासन ने अवैध निर्माण होते देखा तो पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने इस अवैध निर्माण को रुकवा तो दिया है, लेकिन डर अभी भी यह है कि मौका देखकर यह अवैध निर्माण फिर शुरू कर दिया जाएगा।
केंद्रीय हिंदी संस्थान प्रशासन के कुलसचिव डा. चंद्रकांत त्रिपाठी ने ने नगरायुक्त को भी एक पत्र लिखकर इस बारे में सूचना दी है। साथ ही अनुरोध किया है कि इस अवैध निर्माण को पूरी तरह रोका जाए और अब तक हो चुके निर्माण को रोका जाए।
बता दें कि केंद्रीय हिंदी संस्थान के सामने की सड़क 100 फीट चौड़ी है, लेकिन मेन गेट के सामने स्थित मंदिर के सामने सड़क पर इतनी भी जगह नहीं है कि दो गाड़ियां एक साथ निकल सकें।