दुस्साहसः एसडीएम के हटते ही फिर कब्जा ली कीमती सरकारी भूमि, अब मुकदमा हुआ दर्ज
फतेहपुरसीकरी। फतेहपुरसीकरी ब्लाक में आगरा जयपुर नेशनल हाईवे के किनारे ग्राम पंचायत सीकरी चार हिस्सा में वेशकीमती जमीन से एसडीएम ने अवैध कब्जे हटवाए। एसडीएम के तबादले के साथ अवैध कब्जेधारी फिर आ जमे। अब नए एसडीएम के आदेश पर आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया है।
- फतेहपुरसीकरी में नेशनल हाईवे किनारे की वेशकीमती जमीन पर बार-बार हो रहे अवैध कब्जे
इस ग्राम पंचायत में मूसा चिश्ती मजार के समीप कई हेक्टेयर जमीन बंजर में दर्ज है। इसी जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत ग्राम पंचायत के नागरिकों ने तत्कालीन उप जिला अधिकारी सचिन राजपूत से की थी।
तत्कालीन एसडीएम ने पैमाइश कराई। अवैध कब्जे पाए जाने पर सभी को राजस्व टीम ने ध्वस्त करा दिया। यह कार्यवाही 13 जुलाई 2024 को हुई थी और इसमें गाटा संख्या 754 को अवैध कब्जों से मुक्त कराया गया था।
कुछ समय बाद तत्कालीन उप जिलाधिकारी किरावली सचिन राजपूत का सदर तहसील में ट्रांसफर हो गया। उनके चार्ज छोड़ते ही अवैध कब्जाधारियों ने अपने पारिवारिक सदस्यों के साथ बंदरबांट करते हुए इसी भूमि पर प्लाट बना लिए और उन पर निर्माण प्रारंभ कर दिया। कुछ ने जमीन पर भूसे की बुर्जी और बिटोरे आदि बना लिए।
अवैध कब्जों के इस दुस्साहस की खबर लेखपाल सौरभ कुमार और राजस्व निरीक्षक लाखन सिंह ने नवागत उप जिला अधिकारी राजेश कुमार को 26 अक्टूबर 2024 को दी। इस पर एसडीएम राजेश कुमार ने मुकदमा लिखाने और अवैध कब्जे तत्काल हटाने के आदेश दिए।
राजस्व टीम ने सरकारी गाटा संख्या की माप कराई। अवैध कब्जा मिलने पर जल सिंह, अशोक, सुरेश, खेम सिंह पुत्रगण नारायण सिंह, संजय पुत्र भगवान सिंह के विरुद्ध थाना फतेहपुरसीकरी में लेखपाल सौरभ कुमार ने मुकदमा दर्ज करा दिया।
तहसील किरावली के अधिकारियों ने अब तय किया है कि मंडी गुड़ बाईपास से लेकर तेरहमोरी सीकरी चार हिस्सा राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे की सरकारी जमीनों को अब मुक्त कराकर सरकारी बोर्ड लगाए जाएंगे।