खुल गया अवधेश अग्रवाल हत्याकांड, मथुरा के निखिल ने ही सुपारी देकर मरवाया था
आगरा। आगरा के मूल निवासी और पटना के बड़े चांदी कारोबारी अवधेश अग्रवाल हत्याकांड में पटना पुलिस ने दूसरे चरण का भी खुलासा कर दिया है। पटना पुलिस ने निष्कर्ष निकाला है कि मथुरा के निखिल अग्रवाल ने अवधेश अग्रवाल को इसलिए मरवाया क्योंकि उसे व्यापार में घाटा हो रहा था। निखिल अग्रवाल वही है जो मथुरा निवासी कारोबारी हरी बाबू अग्रवाल का बेटा है। हरी बाबू अग्रवाल ही वर्तमान में पटना में आगरा की सीबी चेन्स के डीलर हैं।
-निखिल अग्रवाल के अलावा बृज गोपाल का नाम भी सामने आया, दोनों शूटरों के साथ चारों आरोोपी गिरफ्तार
-पटना पुलिस का निष्कर्ष- व्यापार में घाटा होने पर निखिल ने ही बृज गोपाल के साथ मिलकर हत्या का प्लान बनाया
-पटना में सीबी चेंस के डीलर मथुरा निवासी हरी बाबू अग्रवाल का बेटा है नीरज अग्रवाल
आगरा निवासी अवधेश अग्रवाल लम्बे समय से पटना में ही कारोबार कर रहे थे। दीपावली से ठीक पहले विगत 27 अक्तूबर को उनकी पटना के बाकरगंज क्षेत्र में स्थित किराए के आवास में ही गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। यह हत्याकांड पटना पुलिस के लिए सिरदर्द बन गया था क्योंकि बिहार के सराफा कारोबारी इस मामले में एकजुट होकर पुलिस पर दबाव बना रहे थे।
कुछ सप्ताह पहले पटना पुलिस ने अवधेश हत्याकांड के पार्ट वन का खुलासा कर मथुरा के जैत निवासी जितेंद्र नामक ड्राइवर को गिरफ्तार किया था। उसी समय पुलिस मथुरा निवासी कारोबारी हरी बाबू अग्रवाल के पुत्र निखिल अग्रवाल को भी जितेंद्र के साथ पटना ले गई थी। जितेंद्र को जेल भेज दिया गया था जबकि निखिल अग्रवाल को पटना में ही रोक कर पुलिस जांच को आगे बढ़ा रही थी।
अब पटना की एसपी सिटी स्वीटी सहरावत ने हत्याकांड के दूसरे चरण में जो खुलासा किया है, उसके अनुसार अवधेश अग्रवाल को मथुरा के निखिल अग्रवाल ने 20 लाख की सुपारी देकर पेशेवर अपराधियों से मरवाया। ड्राइवर जितेंद्र द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर पुलिस ने बताया था कि मथुरा के शूटर भूषण पंडित और नीरज गौतम ने पटना में अवधेश अग्रवाल की हत्या की थी।
ड्राइवर जितेंद्र ही इन दोनों अपराधियों को एसयूवी से पटना लेकर गया था। जिस एसयूवी का इस्तेमाल हुआ, वह मथुरा निवासी कारोबारी हरी बाबू अग्रवाल की थी। इसी आधार पर पटना पुलिस ड्राइवर जितेंद्र के साथ हरीबाबू अग्रवाल के पुत्र निखिल को भी अपने साथ ले गई थी।
पटना पुलिस ने पहले खुलासे के समय बताया था कि अभी इस केस में हत्या करने वालों की पहचान की गई है। जिन्होंने अवधेश अग्रवाल की हत्या की है, उनमें मथुरा के जितेंद्र के अलावा भूषण पंडित और नीरज गौतम शामिल थे। तब पुलिस ने यह भी कहा था कि हत्या की वजह जानने के लिए अब गहराई से आगे की छानबीन की जा रही है।
पटना पुलिस ने दूसरे चरण का खुलासा करते हुए बताया कि निखिल अग्रवाल को कारोबार में घाटा हो रहा था क्योंकि वह भी चांदी के कारोबार में ही था। इसी वजह से निखिल ने बृज गोपाल के साथ मिलकर इस हत्याकांड की साजिश रची। 20 लाख रुपये की सुपारी नीरज गौतम और भूषण पंडित को दी गई।
एक सवाल- कौन है बृज गोपाल
निखिल अग्रवाल के सहयोगी के रूप में जिस बृज गोपाल का नाम सामने आया है, वह कौन है, इसका खुलासा होना बाकी है। बृज गोपाल का अवधेश अग्रवाल से क्या संबंध था, यह भी अभी जानकारी सामने नहीं आई है।
मथुरा में डेरा डाले रही थी मथुरा पुलिस
पटना पुलिस ने अवधेश अग्रवाल को गोली मारने वाले मथुरा के भूषण पंडित और नीरज गौतम के नाम उजागर करने के बाद इन दोनों की गिरफ्तारी के लिए कई दिन तक मथुरा में डेरा भी डाले रखा था। मथुरा पुलिस के सहयोग से अंततः पटना पुलिस दोनों शूटरों को गिरफ्तार करने में कामयाब रही। भूषण पंडित और नीरज गौतम की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने मथुरा के कारोबारी हरीबाबू अग्रवाल के बेटे निखिल अग्रवाल और उसके सहयोगी बृज गोपाल की गिरफ्तारी की।
पटना पुलिस ने बताया कि जितेंद्र ही हरीबाबू अग्रवाल की एसयूवी 500 से इन दोनों हत्या अभियुक्तों को मथुरा से लेकर पटना पहुंचा। यह लोग दो दिन तक पटना के बस स्टैंड के आसपास रहे। बाद में जितेंद्र ने इन दोनों शूटर को दानापुर क्षेत्र में छोड़ा। अवधेश अग्रवाल की हत्या भूषण पंडित ने गोली मारकर की। नीरज गौतम भी मौके पर ही था।
अवधेश अग्रवाल की हत्या के बाद 27 अक्टूबर को ड्राइवर जितेंद्र ने ही एसयूवी 500 से इन दोनों बदमाशों को पटना के रेलवे स्टेशन पर छोड़ा था। दोनों शूटर ट्रेन से मथुरा लौटे जबकि जितेंद्र गाड़ी लेकर मथुरा आ गया था।
पुलिस ने बताया कि भूषण पंडित पर हत्या समेत 8 मामले पहले से ही दर्ज हैं जबकि नीर गौतम पर 12 मुकदमे यूपी में हैं। इनमें गुंडा एक्ट के अलावा आर्म्स एक्ट के कैस भी हैं। पटना पुलिस उत्तर प्रदेश पुलिस के निरंतर संपर्क में रहकर इन अपराधियों की तलाश कर रही है।