जागरूकता ही रक्षा कवच: महिला आयोग की कार्यशाला में साइबर फ्रॉड के नये हथकंडों का खुलासा
लखनऊ। फर्जी पुलिस या सीबीआई अफसर बनकर ठगी, वर्क फ्रॉम होम से लेकर सेक्सटॉर्शन तक के नए-नए साइबर क्राइम…। ये अब केवल अखबार की सुर्खियां नहीं, बल्कि हर नागरिक की रोज़मर्रा की चुनौती बनते जा रहे हैं। इसी गंभीर परिप्रेक्ष्य को ध्यान में रखकर आज उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग के लखनऊ स्थित दफ्तर में साइबर क्राइम और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर आधारित कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें आयोग की पदाधिकारियों को जहां साइबर अपराधों के तरीकों की जानकारी दी गई तो उन्हें एआई की बारीकियां भी समझाई गईं।
-राज्य महिला आयोग की कार्यशाला में साइबर क्राइम के तरीकों की जानकारी दी गई, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बारीकियां भी सीखीं
उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॊ. बबिता सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई इस वर्कशॊप का उद्देश्य आयोग की सभी पदाधिकारियों को जानकारी देना था ताकि जिलों में दौरों के समय वे महिलाओं को ऐसे अपराधों के प्रति जागरूक कर सकें।
कार्यशाला का शुभारंभ आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबिता सिंह चौहान, उपाध्यक्ष श्रीमती अपर्णा यादव, सदस्य श्रीमती चारू चौधरी और लखनऊ के सहायक पुलिस आयुक्त अरुण कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
साइबर अपराधों का खुलासा
कार्यशाला में एसीपी अरुण कुमार ने विस्तार से बताया कि किस तरह साइबर अपराधी रोज़ नए हथकंडे अपनाकर लोगों को ठग रहे हैं। उन्होंने फिशिंग लिंक, विशिंग कॉल्स, ऑनलाइन मार्केट फ्रॉड, एटीएम स्किमिंग, सिम स्वैपिंग, यूपीआई अकाउंट टेकओवर, फर्जी वेबसाइट फ्रॉड, क्यूआर कोड स्कैम, मेलवेयर अटैक और कॉल स्पूफिंग जैसे खतरनाक तरीकों का खुलासा किया।
उन्होंने बताया कि अपराधी अब केवल वित्तीय ठगी तक सीमित नहीं हैं बल्कि ऑनलाइन जॉब फ्रॉड, सेक्सटॉर्शन (हनी ट्रैप), फर्जी डाक्यूमेंट के जरिए लोन ठगी, चाइल्ड पोर्नोग्राफी, एमएलएम और पिरामिड स्कीम, फर्जी बैंक रिकवरी एजेंट धोखाधड़ी, सरकारी योजनाओं के नाम पर फ्रॉड और व्हाट्सएप हैकिंग जैसे नए रूप भी सामने आ रहे हैं।
आयोग का फोकस: जागरूकता
महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबिता सिंह चौहान ने कहा कि जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है। आगामी जनसुनवाई और चौपालों में इन सभी अपराधों के प्रति महिलाओं और बालिकाओं को सतर्क करने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे, ताकि कोई भी ठगों का शिकार न बने।
बैठक और मिशन शक्ति की समीक्षा
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में आयोग की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसमें प्रदेश भर में मिशन शक्ति 4.0 के तहत हुई जनसुनवाई और निरीक्षणों की रिपोर्ट पर चर्चा हुई। आयोग की अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि महिलाओं तक योजनाओं का लाभ तेजी और पारदर्शिता से पहुँचे, यही हमारी प्राथमिकता है।