आगरा में धर्मांतरण के मुख्य आरोपी राजकुमार लालवानी की जमानत याचिका खारिज
आगरा। थाना शाहगंज क्षेत्र से करीब 80 परिवारों का धर्मांतरण कराने के मुख्य आरोपी राजकुमार लालवानी की जमानत याचिका कोर्ट ने आज खारिज कर दी।
गौरतलब है कि पुलिस ने इस मामले में राजकुमार सहित आठ लोगों को जेल भेजा था। पूरे मामले के वादी घनश्याम हेमलानी धर्मांतरण के आरोपियों को सजा दिलाने के लिए मजबूत तरीके से पैरवी कर रहे हैं। आज जिला एवं सत्र न्यायालय के जिला न्यायाधीश ने धर्मांतरण के मुख्य आरोपी राजकुमार लालवानी की जमानत याचिका को खारिज कर दिया।
वादी की ओर से जमानत याचिका का विरोध वरिष्ठ अधिवक्ता हेमेंद्र शर्मा, प्रदीप पांडे एडवोकेट, अनिल शर्मा एडवोकेट, लोकेश शर्मा एडवोकेट ने किया। वादी घनश्याम हेमलानी की ओर से न्यायालय में वरिष्ठ अधिवक्ताओं के पैनल ने धर्मांतरण के आरोपियों की जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि इस तरह के आरोपी समाज के लिए अभिशाप हैं। अभी पूरे मामले की जांच चल रही है, ऐसे में आरोपियों का न्यायालय की अभिरक्षा में रहना जरूरी है।
जिला शासकीय अधिवक्ता राधा कृष्ण गुप्ता ने भी धर्मांतरण के आरोपियों की जमानत का विरोध करते हुए जमानत याचिका खारिज करने की अपील की। वरिष्ठ अधिवक्ताओं की मजबूत बहस के बाद जिला एवं सत्र न्यायालय के जिला न्यायाधीश ने धर्मांतरण के आरोपियों की जमानत याचिका को खारिज कर दिया। भारतीय न्याय संहिता धारा 112 ( 2), 61 (2), 3/5(1), धर्म परिवर्तन की धारा में मुख्य आरोपी राजकुमार लालवानी, अरुण कुमार महिला आरोपी ट्विंकल की जमानत को जिला एवं सत्र न्यायालय ने खारिज कर दिया।
इस मौके पर वरिष्ठ अधिवक्ता हेमेंद्र शर्मा ने बताया कि धर्मांतरण के आरोपी समाज के गुनहगार हैं। धर्म के गुनहगार हैं। ऐसे लोगों को समाज में रहने का कोई अधिकार नहीं है, जो सनातन धर्म को आघात पहुंचाने का काम कर रहे हैं। इस अवसर पर जिला शासकीय अधिवक्ता अपराध राधा कृष्ण गुप्ता एडवोकेट ने कहा पुलिस की मजबूत केस डायरी और वादी की ओर से आरोपियों के खिलाफ जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर धर्मांतरण के मुख्य आरोपी की जमानत प्रार्थना पत्र का विरोध किया गया है।
धर्मांतरण के आरोपियों की जमानत खारिज होने पर पूरे मामले के वादी घनश्याम हेमलानी ने कहा कि अभी पुलिस की जांच चल रही है, ऐसे में अभियुक्तों का न्यायालय की अभिरक्षा से बाहर आना ठीक नहीं है। आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए उच्च न्यायालय से लेकर सर्वोच्च न्यायालय तक मजबूत पैरवी की जाएगी। किसी भी कीमत पर सनातन धर्म को कमजोर करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
सह आरोपियों की जमानत पहले ही हो चुकी है खारिज
धर्मांतरण के मामले में सह आरोपियों की जमानत याचिका जिला एवं सत्र न्यायालय से पहले ही खारिज हो चुकी है। पुलिस ने पूरे मामले में बीते दिनों शाहगंज थाना क्षेत्र से आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था, जो अभी तक न्यायिक हिरासत में जिला कारागार में है।