आगरा विश्वविद्यालय में ‘बापू बाज़ार’: आत्मनिर्भरता और सेवा भाव का अद्भुत संगम
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा के गृह विज्ञान संस्थान में आज ‘बापू बाज़ार’ का भव्य आयोजन हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय की माननीय कुलपति प्रो. आशु रानी ने किया। stalls का अवलोकन करते हुए उन्होंने छात्राओं के प्रयासों की सराहना की और कहा कि “ऐसे आयोजन समाज में आत्मनिर्भरता और सहयोग की भावना को बढ़ावा देते हैं। पुराने वस्त्र और उपयोगी सामग्री को सम्मानपूर्वक जरूरतमंदों तक पहुंचाना ही सच्चे अर्थों में सेवा और सत्कार्य है।”
आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा के गृह विज्ञान संस्थान में आज ‘बापू बाज़ार’ का भव्य आयोजन हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. आशु रानी ने किया। स्टाल्स का अवलोकन करते हुए उन्होंने छात्राओं के प्रयासों की सराहना की और कहा कि “ऐसे आयोजन समाज में आत्मनिर्भरता और सहयोग की भावना को बढ़ावा देते हैं। पुराने वस्त्र और उपयोगी सामग्री को सम्मानपूर्वक जरूरतमंदों तक पहुंचाना ही सच्चे अर्थों में सेवा और सत्कार्य है।
आयोजन का उद्देश्य
‘बापू बाज़ार’ का मुख्य उद्देश्य पुराने किन्तु उपयोगी वस्त्र, खिलौने और सामान को जरूरतमंदों तक उनके आत्मसम्मान को बनाए रखते हुए बेहद रियायती दरों पर उपलब्ध कराना है। 2014 से लगातार आयोजित होने वाली इस पहल को हर वर्ष स्थानीय समाज से विशेष सराहना मिलती रही है। इस बार भी साड़ी, सूट, जींस, पैंट, शर्ट, बच्चों के कपड़े, खिलौने और जूते-चप्पल आदि आकर्षक पैकिंग में बेहद किफायती दामों पर उपलब्ध कराए गए।
एनजीओ और सामाजिक सहयोग
इस आयोजन में पारिजात एनजीओ का विशेष योगदान रहा। संस्था की अध्यक्ष डॉ. अनुराधा चौहान और उपाध्यक्ष डॉ. प्रीति सिंह ने जरूरतमंदों को कपड़े वितरित किए। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि बाज़ार में केवल साफ-सुथरे और अच्छे कपड़े ही पैकिंग के बाद उपलब्ध कराए जाएं।
छात्रों और शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी
आयोजन का नेतृत्व प्रो. अर्चना सिंह ने किया। गृह विज्ञान संस्थान की छात्राओं ने कपड़ों और सामान के साथ-साथ फूड स्टॉल भी लगाए, जिनका संचालन डॉ. दीप्ति सिंह, डॉ. नेहा सक्सेना, डॉ. अनुपमा गुप्ता, डॉ. प्रीति यादव और डॉ. कविता सिंह ने किया। गोलगप्पे, शिकंजी, छाछ, ढोकला और खीर जैसे स्वादिष्ट व्यंजनों का सभी ने आनंद लिया।
छात्र-छात्राओं ज्योति पाल, मेघा, वंशिका, निकिता, हिमांशली, भावना, आराध्या, मोहित, प्रशांत, समीर, अमन, आकाशी और शिवाक्षी ने स्टॉल लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया और पॉलीथिन का उपयोग न करने के लिए प्रेरित किया।
विशिष्ट अतिथि और योगदान
इस अवसर पर इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस के प्रो. मोहम्मद अरशद और एजीई फाउंडेशन (दिल्ली) की सीमा गिल विशिष्ट अतिथि रहीं। आयोजन को सफल बनाने में निदेशिका प्रो. अचला गक्खड़ की भूमिका महत्वपूर्ण रही। डॉ. नीलम यादव, डॉ. रश्मि शर्मा, डॉ. संघमित्रा गौतम, डॉ. रत्ना पांडे, रजनी यादव, डॉ. अंकुर जैन, इंजीनियर तरुण श्रीवास्तव, दीपक कुलश्रेष्ठ और पीआरओ पूजा सक्सेना की उपस्थिति से कार्यक्रम की गरिमा और बढ़ी।
कुलपति का संदेश
कुलपति प्रो. आशु रानी ने कहा कि “बापू के आदर्शों से प्रेरित यह बाजार जरूरतमंदों को सशक्त बनाता है और छात्रों में सेवा भाव जागृत करता है। यह केवल वस्त्र या सामग्री का आदान-प्रदान नहीं बल्कि आत्मसम्मान और संवेदनशीलता का उत्सव है।”
सफल आयोजन
‘बापू बाज़ार’ को स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक अपनाया। शिक्षकों, छात्रों और सामाजिक संगठनों के सामूहिक सहयोग से यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ और विश्वविद्यालय की सामाजिक प्रतिबद्धता का सशक्त संदेश दिया।