बरेली में ऑनर किलिंग का फैसला: नाबालिग प्रेमी-प्रेमिका की दोहरी हत्या में लड़की के पिता और चाचा को आजीवन कारावास, चाची को सात साल की सज़ा

बरेली में दस साल पुराने ऑनर किलिंग मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए नाबालिग प्रेमी-प्रेमिका की हत्या के दोषी लड़की के पिता और चाचा को आजीवन कारावास तथा डेढ़ लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई, जबकि चाची को सात साल का कठोर कारावास दिया गया। कोर्ट ने माना कि प्रेम संबंध के विरोध में दोनों बच्चों की नृशंस तरीके से हत्या की गई थी।

Dec 12, 2025 - 21:26
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बरेली में ऑनर किलिंग का फैसला: नाबालिग प्रेमी-प्रेमिका की दोहरी हत्या में लड़की के पिता और चाचा को आजीवन कारावास, चाची को सात साल की सज़ा

-रमेश कुमार सिंह-

बरेली। एडीजे-03 अभय श्रीवास्तव की अदालत ने शुक्रवार को एक दशक पुराने दोहरे हत्याकांड में कठोर फैसला सुनाया है। मामला वर्ष 2015 का है, जब मोहल्ला लोधीनगर कस्बा एवं थाना फतेहगंज पश्चिमी निवासी दीपक मौर्य (15 वर्ष) और पड़ोस की नाबालिग लड़की जावित्री की प्रेम कहानी ने भयावह मोड़ ले लिया था।

पीड़ित पक्ष के अनुसार दीपक और जावित्री के प्रेम संबंधों से नाराज़ लड़की के पिता वीरपाल ने दुश्मनी मानते हुए बेटे को रास्ते से हटाने की साजिश रची। 24 मार्च 2015 की रात दीपक अपने पड़ोसी सोनू के घर दावत में गया था, जहां से आरोपी वीरपाल, उसके भाई राजेन्द्र, और पत्नी कमला देवी ने मिलकर दीपक का अपहरण कर लिया।

एडीजीसी हेमेंद्र गंगवार ने बताया कि इसी दौरान आरोपियों ने अपनी नाबालिग बेटी जावित्री की भी हत्या कर दी। दीपक का सिर कुचलकर निर्मम हत्या की गई, जबकि जावित्री का कपड़ा आदि से गला घोंट दिया गया। दोनों शव जंगल में छिपा दिए गए।

घटना की रिपोर्ट थाना फतेहगंज पश्चिमी में धारा 364, 302, 201, 34, 120बी भादवि में दर्ज की गई। अभियोजन पक्ष द्वारा नौ गवाह प्रस्तुत किए गए। गवाही और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने लड़की के पिता वीरपाल पुत्र सियाराम और चाचा राजेन्द्र पुत्र सियाराम को धारा 302/34 में आजीवन कारावास और प्रत्येक को 50,000 रुपये अर्थदंड, धारा 201/34 में 7–7 वर्ष का सश्रम कारावास व 5,000–5,000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर 1 वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

लड़की की चाची कमला देवी को धारा 201 में 7 वर्ष का सश्रम कारावास और 5,000 रुपये अर्थदंड की सजा दी गई है। अर्थदंड न देने पर उसे 1 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। जबकि अभियुक्त प्रेमशंकर, टेनी उर्फ नरेन्द्र और राजाराम को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया गया।

गंभीर और संवेदनशील इस ऑनर किलिंग मामले में अदालत का फैसला पीड़ित परिवार के लिए राहत लेकर आया है, जबकि दस साल बाद न्याय की प्रक्रिया पूरी हुई।

SP_Singh AURGURU Editor