बरेली पुलिस का साइबर फ्रॉड गिरोह पर शिकंजा: करोड़ों की ठगी के पैसों को ठिकाने में चार गिरफ्तार
-आरके सिंह- बरेली। साइबर अपराध के बढ़ते जाल को तोड़ने में बरेली पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने ऐसे चार साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जो करोड़ों रुपये की ठगी से हासिल रकम को बैंक खातों के जरिए ठिकाने लगाते थे। ये आरोपी न सिर्फ यूपी बल्कि अन्य राज्यों में दर्ज साइबर अपराध मामलों से भी जुड़े पाए गए हैं।
चार की गिरफ्तारी और बरामदगी
एसपी नगर मानुष पारीक ने जानकारी दी कि थाना प्रेमनगर प्रभारी निरीक्षक आशुतोष रघुवंशी और साइबर टीम प्रभारी नीरज सिंह की अगुवाई में पुलिस टीम ने धोबी चौराहे से डीडीपुरम की ओर बंद पड़ी रेलवे लाइन के पास घेराबंदी कर चार आरोपियों को दबोच लिया। गिरफ्तार किए गए अभियुक्त हैं- मुशर्रफ (37 वर्ष), अब्दुल रज्जाक उर्फ पिंटू (20 वर्ष), निशांत श्रीवास्तव (22 वर्ष) और शिवम गोश्वामी (21 वर्ष)।
पुलिस ने इनके पास से छह मोबाइल फोन (इनफिनिक्स, ओप्पो, आईफोन 11, रियलमी और दो सैमसंग), आठ फर्जी आधार कार्ड, तीन सिम कार्ड, दो बैंक में जमा रसीदें, नकदी 2000 रुपये और तीन मोटरसाइकिल बरामद की हैं।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे साइबर फ्रॉड गिरोह को बैंक खाते उपलब्ध कराते थे। इन खातों में करोड़ों रुपये का लेन-देन किया जाता था। इसके बाद मुख्य आरोपी मुशर्रफ पैसों की ट्रांजैक्शन कर कमीशन के तौर पर हिस्सेदारी बांटता था। पुलिस की पकड़ से बचने के लिए खाते धारकों की आड़ ली जाती थी।
जांच में खुलासा हुआ कि गैंग विभिन्न लोगों को 1000 से 2000 रुपये का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाता था। उनसे एटीएम, पासबुक, यूपीआई आईडी और क्यूआर कोड लेकर साइबर ठगी से कमाए पैसे उन्हीं खातों के जरिए ट्रांसफर किए जाते थे। खाते धारकों की असली पहचान छिपाकर पुलिस को गुमराह किया जाता था।
मुकदमा और आगे की कार्रवाई
गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ थाना प्रेमनगर में धारा 319(2)/318(4)/338/336(3)/340(2) बीएनएस और आईटी एक्ट की धारा 66डी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेजा गया। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।
गैंग का अंतरराज्यीय कनेक्शन
सूत्रों के मुताबिक, इस गैंग के नेटवर्क का इस्तेमाल पंजाब, हरियाणा और तमिलनाडु समेत कई राज्यों में दर्ज साइबर अपराध मामलों में भी किया गया है। बरेली पुलिस की कार्रवाई से साइबर फ्रॉड की बड़ी साजिश का पर्दाफाश हुआ है।