बरेलीः प्रेम प्रसंग में युवक को बीच सड़क चाकू से गोद डाला, पुलिस चौकी से 20 कदम दूर हुई हत्या
बरेली। प्रेम प्रसंग ने एक बार फिर खून की दास्तां लिख दी। बुधवार देर रात रजऊ परसपुर गांव में मेला देखने गया युवक अभिषेक यादव बीच सड़क पर दौड़ा-दौड़ा कर चाकू से गोद डाला गया। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि वारदात उस जगह हुई जहां से महज 20 कदम दूर पुलिस की अस्थायी चौकी बनी थी। लेकिन उस वक्त चौकी पर कोई पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था।
-आरके सिंह-
थाना बिथरी चैनपुर के ग्राम रजऊ परसपुर में बुधवार रात उस समय अफरातफरी मच गई जब मेला देखने गया 22 वर्षीय अभिषेक यादव अचानक कुछ युवकों के निशाने पर आ गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावरों ने पहले अभिषेक को काफी दूर तक दौड़ाया, फिर बीच सड़क पर घेरकर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए। घायल अवस्था में अभिषेक को स्वजन जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस अधीक्षक उत्तरी मुकेश चंद्र मिश्र ने बताया कि मामले में तीन नामजद आरोपियों को हिरासत में लेकर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि घटना के समय पास स्थित पुलिस चौकी पर तैनात कर्मी कहां थे।
प्रेम प्रसंग बना मौत की वजह
अभिषेक यादव रजऊ गांव की ही शंकर प्लाईवुड फैक्ट्री में कार्यरत था। पिता रामकिशन यादव, जो सेना से सेवानिवृत्त हैं, का कहना है कि उनके बेटे का गांव की एक अन्य जाति की युवती से प्रेम संबंध था। इसी कारण दोनों परिवारों के बीच पहले भी तनाव रहा था। पिछले वर्ष युवती के परिजनों ने अभिषेक पर छेड़छाड़ का झूठा आरोप लगाकर मुकदमा दर्ज कराया था, जिससे वह जेल भी गया था। हालांकि उसके बाद मामला शांत हो गया था।
बुधवार को गांव में रामलीला मेला लगा था और रावण दहन का कार्यक्रम चल रहा था। अभिषेक भी मेला देखने गया था, जहां अचानक विवाद हुआ और गांव के ही कुछ लोगों ने उस पर हमला कर दिया। हमलावरों ने अभिषेक के सीने और पेट पर कई वार किए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस चौकी पर नहीं था कोई सिपाही
वारदात स्थल से महज 20 कदम दूर मेला सुरक्षा के लिए अस्थायी चौकी बनाई गई थी, लेकिन घटना के वक्त चौकी पूरी तरह खाली थी। परिजनों का आरोप है कि अगर पुलिस मौके पर होती तो अभिषेक की जान बच सकती थी। हमले के बाद भी पुलिस के पहुंचने में देर हो गई।
उल्लेखनीय है कि घटना के बाद देर रात तक बिथरी इंस्पेक्टर चंद्रप्रकाश शुक्ला हत्या की घटना से इनकार करते रहे, जिससे लोगों में आक्रोश फैल गया।