कंगना की याचिका बठिंडा कोर्ट ने की खारिज, 27 अक्टूबर को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होने का आदेश
आगरा। हिमाचल प्रदेश के मंडी क्षेत्र से भाजपा सांसद और फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत की कानूनी मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। पंजाब की बठिंडा कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी, जिसमें कंगना ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी की अनुमति मांगी थी।
आगरा। हिमाचल प्रदेश के मंडी क्षेत्र से भाजपा सांसद और फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत की कानूनी मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। पंजाब की बठिंडा कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी, जिसमें कंगना ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी की अनुमति मांगी थी।
बठिंडा कोर्ट के जज लखबीर सिंह ने अपने आदेश में कहा कि कंगना की याचिका पोषणीय नहीं है और इसे निरस्त कर दिया गया। कोर्ट ने स्पष्ट रूप से आदेश दिया कि कंगना रनौत को 27 अक्टूबर 2025 को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा।
यह मामला 2021 का है। उस समय कंगना ने दिल्ली बॉर्डर पर किसानों के विरोध प्रदर्शन में बैठी किसान महिलाओं के बारे में एक ट्वीट किया था, जिसमें कहा गया कि वहां बैठी महिलाएं ₹100 लेकर धरने पर बैठी थीं। इस बयान से आहत होकर एक 87 वर्षीय बुजुर्ग किसान महिला ने कंगना के खिलाफ बठिंडा कोर्ट में धारा 499 और 500 के तहत अपमान का प्रार्थना पत्र दायर किया।
इस मामले में बठिंडा कोर्ट ने गवाहों और सबूतों के आधार पर कंगना को तलब किया। कंगना ने इस आदेश के खिलाफ चंडीगढ़ हाई कोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट में अपील की, लेकिन दोनों जगह से उन्हें राहत नहीं मिली। सुप्रीम कोर्ट ने कंगना को स्पष्ट चेतावनी भी दी कि वे याचिका वापस लें या उचित कार्रवाई होगी।
आखिरकार, सुरक्षा कारणों का हवाला देकर कंगना ने बठिंडा कोर्ट से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी की अनुमति मांगी, लेकिन 29 सितंबर 2025 को कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। अब उन्हें 27 अक्टूबर 2025 को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना अनिवार्य है। यह जानकारी कंगना के खिलाफ आगरा कोर्ट में मुकदमा दर्ज करने वाले अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने दी है।