बीरू ने भिगोई दर्शकों की आंखें, फिल्म को टैक्स फ्री करने की उठी मांग

अनाथ बच्चों के जीवन पर आधारिक फिल्म बैजू के पहले रिव्यू शो का खंदारी परिसर स्थित जेपी सभागार में किया गया आयोजन, फिल्म में आगरा के दृश्यों संग दिखेंगे कई कलाकार भी।

Jan 5, 2025 - 20:06
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बीरू ने भिगोई दर्शकों की आंखें, फिल्म को टैक्स फ्री करने की उठी मांग

आगरा। मनोरंजन के साथ जीवन के संघर्षों को दर्शाती फिल्म बीरू में दुनिया की भीड़ में बिछड़ा 6 वर्ष का बीरू जैसे ही अपने माता पिता से मिला, सभागार दर्शकों की नम आखों के साथ तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। 

लगभग डेढ़ घंटे की फिल्म दर्शकों को भावनात्मक रूप से बांधे रखने में सफल रही। वहीं फिल्म में आगरा के कई दृष्यों के साथ कई जाने पहचाने कलाकार भी नजर आए। 
खंदारी परिसर स्थित जेपी सभागार में धैवत रिकार्ड्स एंड प्रोडक्शन के बैनर तले बनी फिल्म बीरू के पहले रिव्यू शो का शुभारम्भ मुख्य अतिथि सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता एपी सिंह ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। 

फिल्म की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन के अधिकारी यदि इस फिल्म को देखेंगे तो जरूर रूमाल निकालने के साथ अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करने का प्रयास करेंगे। फिल्म हमें सीख देती है कि हर माता-पिता को अपने बच्चों का आधार कार्ड बनवाना चाहिए। अभिभावक बच्चों का आधार कार्ड बनवाने के प्रति जागरूक हों। शासन को इस फिल्म को टैक्स फ्री करना चाहिए। 

इस अवसर पर फिल्म में बीरू की भूमिका निभाने वाले कुंज शर्मा और उसके माता पिता से मिलवाने का प्रयास करने वाले अनाथालय के बच्चों की भूमिका निभाने वाले अभिनव बंसल, कृष्ण संचानी, कुमाल, प्रखर, ऋषभ, सानवी, दक्ष दीक्षित तो स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर फिल्म के निर्माता अंशुमन प्रताप सिंह, लेखक व निर्माता मनीष श्रीवास्तव, प्रोडक्शन हाउस की अध्यक्ष अर्चना सिंह, नीरज सिंह राघव, अजीत चाहर, दीपक शर्मा, हरिशंकर शर्मा आदि उपस्थित रहे।

अदाकारी में झलकी मासूमियत भरी कलाकारी

आगरा। अनाथालय के बच्चे बीरू को उसके माता पिता से मिलवाने के लिए हर सम्भव प्रयास इसलिए करते हैं कि वह देखना चाहते हैं कि आखिर माता-पिता का प्यार कैसा होता है। एक ओर जहां बीरू से टकराने वाले समझदार बड़े लोगों को माता-पिता से बिछड़े बीरू में कहीं अपना स्वार्थ तो कहीं परेशानी दिखती है, वहीं अनाथालय के मासूम बच्चे निस्वार्थ भाव से बीरू का साथ देते हैं।