भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर का जीवन रहा वंचितों के हक़ और सामाजिक न्याय को समर्पित, आगरा में 102वीं जयंती पर भावपूर्ण स्मरण

आगरा। गरीबी की कोख से जन्म लेकर सामाजिक न्याय की राजनीति को नई परिभाषा देने वाले जननायक भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर देशी माटी में पले-बढ़े और देशी मिजाज के ऐसे राजनेता थे, जिन्होंने सत्ता को सेवा का माध्यम बनाया। पिछड़े, वंचित और शोषित समाज के लिए उनका संपूर्ण जीवन संघर्ष और समर्पण की मिसाल रहा।

Jan 24, 2026 - 19:47
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भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर का जीवन रहा वंचितों के हक़ और सामाजिक न्याय को समर्पित, आगरा में 102वीं जयंती पर भावपूर्ण स्मरण
कर्पूरी ठाकुर की 102वीं जयंती पर आगरा में आयोजित समारोह में सम्मानित किये गये मेधावी छात्र और अतिथिगण।

यह विचार केंद्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य भुवन भूषण कमल ने सविता सैन नंद महासभा द्वारा राजपुर चुंगी स्थित कर्पूरी चौक पर आयोजित जननायक कर्पूरी ठाकुर की 102वीं जयंती समारोह में व्यक्त किए।

कार्यक्रम का शुभारंभ विशिष्ट अतिथि विधायक डॉ. जीएस धर्मेश, जिला पंचायत अध्यक्ष मंजू भदौरिया और जिला पंचायत सदस्य हरिकृपाल सविता द्वारा कर्पूरी ठाकुर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया गया।

कर्पूरी ठाकुर पूरे देश के पिछड़ों के मुख्यमंत्री थे

मुख्य अतिथि भुवन भूषण कमल ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर सिर्फ बिहार ही नहीं, बल्कि पूरे देश में विशेष रूप से पिछड़ों, गरीबों और वंचितों के मुख्यमंत्री के रूप में याद किए जाते हैं। उनका पूरा जीवन शोषित समाज की सेवा में बीता।
उन्होंने कहा कि कर्पूरी ठाकुर को न पद का लोभ था, न सत्ता की लालसा। वे राजनीति में अजेय रहे, कभी चुनाव नहीं हारे, एक बार उपमुख्यमंत्री और दो बार बिहार के मुख्यमंत्री बने। मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने बिहार के लिए जो निर्णय लिए, वे आज भी सामाजिक न्याय की राजनीति के स्तंभ हैं।

बाइक रैली के साथ हुआ जन्मजयंती समारोह का आयोजन

महासभा के संस्थापक चंद्रभान सिंह समाधिया ने बताया कि प्रातः कर्पूरी ठाकुर की प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद बाइक रैली निकाली गई। रैली कर्पूरी चौक से प्रारंभ होकर राजपुर रोड, शहीद नगर तिराहा, विवेकानंद चौराहा, शहीद भगत सिंह चौराहा, नेताजी सुभाष चंद्र चौराहा सहित प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए पुनः कर्पूरी चौक पर समाप्त हुई।

राजनीतिक हिस्सेदारी और आरक्षण पर उठी आवाज़

समारोह में सविता समाज के लोगों ने आगामी चुनावों में संख्या बल के आधार पर राजनीतिक हिस्सेदारी की मांग उठाई।
कार्यक्रम संयोजक जितेंद्र सविता ने मांग की कि कर्पूरी ठाकुर की मृत्यु आज भी संदेह के घेरे में है, इसकी निष्पक्ष जांच हो। साथ ही 27 प्रतिशत आरक्षण में जातियों को जनसंख्या के आधार पर हिस्सा मिले, जिससे किसी एक जाति को ही पूरा लाभ न मिल सके।

मेधावियों और वयोवृद्धों का हुआ सम्मान

कार्यक्रम के दौरान सविता समाज के लगभग 50 मेधावी छात्र-छात्राओं एवं 150 वयोवृद्धों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन जिलाध्यक्ष मनीष सविता ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन पवन सिंह ने दिया।

पार्षद फूल प्यारी, लक्ष्मी वर्मा, धर्मवीर सिंह लोधी, कैप्टन जगदीश प्रसाद, साहब सिंह, मुकेश सविता, डॉ. कृष्ण कुमार, हरिओम सविता, राम सेवक, राजू फलोरिया, महेंद्र नाथ, जगदीश पचौरी, राहुल आर्य, रिंकू निबोरिया, विष्णु वर्मा, राम स्वरूप, श्याम सुन्दर सविता, राकेश सविता, कुलदीप सविता, प्राची किशोरी, सुनीता देवी, डॉ. महेश, राजू सविता सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

SP_Singh AURGURU Editor