मोदी सरकार का बड़ा फैसला, पीएमओ का नया नाम हुआ 'सेवातीर्थ'

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को अब 'सेवा तीर्थ' के नाम से जाना जाएगा। मोदी सरकार ने यह बड़ा फैसला पीएमओ के काम करने के तरीके और लोगों की सेवा के प्रति उनके समर्पण को देखते हुए लिया है।

Dec 2, 2025 - 16:49
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मोदी सरकार का बड़ा फैसला, पीएमओ का नया नाम हुआ 'सेवातीर्थ'

 
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) का नाम बदलकर अब सेवातीर्थ कर दिया गया है। प्रधानमंत्री कार्यालय जल्द ही साउथ ब्लॉक के अपने पुराने दफ्तर से निकलकर नए 'सेवा तीर्थ' कॉम्प्लेक्स में शिफ्ट हो जाएगा। यह बड़ा बदलाव दशकों बाद हो रहा है। नया पीएमओ 'सेवा तीर्थ-1' से काम करेगा, जो एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव-1 में बनी तीन नई आधुनिक इमारतों में से एक है।

इसी कॉम्प्लेक्स की 'सेवा तीर्थ-2' और 'सेवा तीर्थ-3' इमारतों में कैबिनेट सेक्रेटेरिएट और नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर का ऑफिस होगा। यह शिफ्टिंग शुरू हो चुकी है और 14 अक्टूबर को कैबिनेट सेक्रेटरी टीवी सोमनाथन ने चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ और तीनों सेना प्रमुखों के साथ 'सेवा तीर्थ-2' में एक अहम मीटिंग भी की थी। यह नया कॉम्प्लेक्स सरकारी कामकाज को और तेज बनाएगा और भारत सरकार के काम करने के तरीके में एक नया अध्याय लिखेगा।  
 
यह नया 'सेवा तीर्थ' कॉम्प्लेक्स वायु भवन के पास एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव-1 में बनाया गया है। इसमें तीन शानदार इमारतें हैं। इनमें से पहली इमारत, 'सेवा तीर्थ-1', प्रधानमंत्री कार्यालय का नया घर बनेगी। यह साउथ ब्लॉक से दशकों बाद हो रहा एक बड़ा बदलाव है।

बाकी दो इमारतें, 'सेवा तीर्थ-2' और 'सेवा तीर्थ-3', भी इसी कॉम्प्लेक्स का हिस्सा हैं। 'सेवा तीर्थ-2' में कैबिनेट सेक्रेटेरिएट का दफ्तर होगा। यह वो जगह है जहां सरकार के बड़े फैसले लिए जाते हैं। 'सेवा तीर्थ-3' में नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर का ऑफिस होगा। एनएसए देश की सुरक्षा से जुड़े अहम मामलों को देखते हैं।

यह शिफ्टिंग का काम अब शुरू हो गया है। हाल ही में, 14 अक्टूबर को, कैबिनेट सेक्रेटरी टीवी सोमनाथन ने एक महत्वपूर्ण मीटिंग की थी। इस मीटिंग में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ और तीनों सेनाओं के प्रमुख भी शामिल थे। यह मीटिंग 'सेवा तीर्थ-2' में हुई थी, जो दिखाता है कि काम तेजी से आगे बढ़ रहा है।

यह नया 'सेवा तीर्थ' कॉम्प्लेक्स बहुत आधुनिक सुविधाओं से लैस है। यहां सब कुछ हाई-टेक होगा। इससे सरकारी कामकाज में और भी तेजी आएगी। यानी, फाइलें जल्दी निपटेंगी और फैसले भी तेजी से होंगे।
प्रधानमंत्री कार्यालय का साउथ ब्लॉक से 'सेवा तीर्थ' में जाना एक ऐतिहासिक कदम है। यह सिर्फ एक जगह का बदलाव नहीं है, बल्कि यह भारत सरकार के काम करने के तरीके में एक नया अध्याय शुरू करेगा। यह दिखाता है कि सरकार आधुनिकता की ओर बढ़ रही है और कामकाज को और बेहतर बनाने की कोशिश कर रही है।