ईरान में खामेनेई के खिलाफ बड़ा विद्रोह, हिंसा पर उतरे प्रदर्शनकारी, झड़प में छह लोगों की मौत

ईरान में महंगाई के खिलाफ शुरू हुए प्रदर्शन अब हिंसक रूप ले चुके हैं। रिपोर्टों से पता चला है कि इन प्रदर्शनों में कम से कम 6 लोग मारे गए हैं। प्रदर्शन ग्रामीण इलाकों में भी फैल रहा है।

Jan 2, 2026 - 08:08
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ईरान में खामेनेई के खिलाफ बड़ा विद्रोह, हिंसा पर उतरे प्रदर्शनकारी, झड़प में छह लोगों की मौत

 

तेहरान। ईरान में लगभग एक सप्ताह पहले शुरू हुए विरोध प्रदर्शन नए साल की शुरुआत के साथ हिंसक हो गए हैं। समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस ने ईरानी मीडिया और मानवाधिकार समूहों के हवाले से रिपोर्ट में बताया है कि इन प्रदर्शनों में कम से कम छह लोग मारे गए हैं। गुरुवार को नए साल की शुरुआत पर प्रदर्शन ईरान के ग्रामीण इलाकों में फैल गए। पूरे देश में सड़कों पर सुरक्षाकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुईं हैं। ईरानी मीडिया ने बताया है कि तेहरान के पश्चिमी इलाके में अधिकारियों ने शांति व्यवस्था बिगाड़ने के आरोप में 30 लोगों को गिरफ्तार किया है।

रिपोर्टों के मुताबिक ये मौतें तीन शहरों में हुईं, जहां मुख्य रूप से ईरान के लूर जातीय समूह के लोग रहते हैं। इनमें से एक मौत बुधवार को जबकि 5 लोग गुरुवार को मारे गए। सबसे ज्यादा हिंसा ईरान के लोरेस्तान प्रांत के एक शहर अजना में हुई। यह तेहरान से लगभग 300 किमी दक्षिण-पश्चिम में है। ऑनलाइन प्रसारित हो रहे वीडियो में सड़कों पर जलती हुई चीजें और गोलियों की आवाजें सुनाई दे रही थीं।  

इसके अलावा यूनिवर्सिटी के छात्र तेहरान की सड़कों पर उतर आए और तानाशाह मुर्दाबाद के नारे लगाए। साथ ही उन्होंने दिवंगत शाह मोहम्मद रजा पहलवी के बेटे रजा पहलवी के समर्थन में भी नारे लगाए, जिन्हें 1979 की इस्लामिक क्रांति के दौरान सत्ता से हटा दिया गया था। वहीं, अमेरिका में निर्वासन में रह रहे रजा पहलवी ने X पर लिखा, मैं आपके साथ हूं। जीत हमारी होगी क्योंकि हमारा मकसद सही है और क्योंकि हम एकजुट हैं। उन्होंने आगे कहा, जब तक यह सरकार सत्ता में रहेगी, देश की आर्थिक स्थिति खराब होती रहेगी।

इस्लामिक देश ईरान में बढ़ती महंगाई को लेकर शुरू हुए प्रदर्शन तीन साल में सबसे बड़े हैं। इसके पहले महसा अमिनी की मौत के बाद 2022 में बड़े प्रदर्शन हुए थे, जो देश भर में फैल गए थे। इस समय चल रहे प्रदर्शन भी देश भर में फैल रहे हैं। लोरेदेगान, कुहदाश्त और इस्फहान में मौत होने की खबरे हैं। अर्धसरकारी न्यूज एजेंसी फार्स ने लोरदेगान में दो मौत की खबर दी है। वहीं, अधिकारियों ने कुहदाश्त में कम से कम एक मौत और इस्फहान प्रांत में एक और मौत की पुष्टि की है।

हिंसक विरोध प्रदर्शन ईरानी धार्मिक नेतृत्व के लिए बहुत मुश्किल समय में हुए हैं। पश्चिमी प्रतिबंधों ने अर्थव्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया है, जिससे दिसम्बर में महंगाई 42.5% तक पहुंच गई है। जून में हुए इजरायल के साथ 12 दिन के युद्ध के बाद देश के नेता अभी भी सदमे में हैं। इस युद्ध के दौरान अमेरिका ने भी ईरानी परमाणु स्थलों पर बमबारी की थी।