110 वर्गगज पर मकान बनाने वालों को बड़ी राहत, अब नहीं लेनी होगी नक्शे की मंजूरी

आगरा। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने आम जनता को बड़ी राहत देते हुए भवन निर्माण से जुड़े नियमों को आसान बना दिया है। अब 1000 वर्गफीट (यानी लगभग 110 वर्गगज) के प्लॉट पर घर बनाने के लिए विकास प्राधिकरण से मानचित्र पास कराने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगेगा।

Apr 20, 2025 - 18:23
 0
110 वर्गगज पर मकान बनाने वालों को बड़ी राहत, अब नहीं लेनी होगी नक्शे की मंजूरी

-भवन निर्माण एवं विकास उपविधि में सरकार ने किए कई बड़े बदलाव, जनता के लिए राहतों की बौछार

यह बदलाव भवन निर्माण एवं विकास उपविधि 2025 के अंतर्गत किया गया है, जिसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंजूरी मिल चुकी है। सरकार जल्द ही इसका जीओ (शासनादेश) भी जारी करने जा रही है।

 अन्य महत्वपूर्ण बदलाव और राहतें

-550 वर्गगज (5000 वर्गफीट) तक के प्लॉट पर निर्माण के लिए केवल लाइसेंसशुदा आर्किटेक्ट का प्रमाण पत्र ही काफी होगा।

-1000 वर्गमीटर में अब अपार्टमेंट निर्माण की अनुमति मिलेगी (पहले यह सीमा 2000 वर्गमीटर थी)।

-हॉस्पिटल और कमर्शियल बिल्डिंग के लिए अब 3000 वर्गमीटर का प्लॉट ही पर्याप्त होगा।

प्रोफेशनल गतिविधियों की अनुमति

अब मकान के 25% हिस्से में डॉक्टर, वकील, आर्किटेक्ट, सीए, नर्सरी, क्रैच या होम स्टे जैसे प्रोफेशनल कार्य भी किए जा सकेंगे। इसके लिए नक्शे में अलग से उल्लेख करना जरूरी नहीं होगा।

तेजी से मिलेगी एनओसी

नक्शा पास कराने के लिए विभिन्न विभागों को 7 से 15 दिन के भीतर एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) देना होगा। समय सीमा में जवाब न मिलने पर एनओसी स्वतः मान्य मानी जाएगी।

रिहायशी इलाकों में दुकान और ऑफिस

अब 24 मीटर या उससे अधिक चौड़ी सड़कों पर स्थित रिहायशी क्षेत्रों में दुकान और दफ्तर खोलने की अनुमति दी गई है। जबकि इससे कम चौड़ाई की सड़कों पर डॉक्टर और वकील जैसे पेशेवर अपने ऑफिस चला सकेंगे।

ऊंची इमारतों को मिलेगा बढ़ावा

अब 45 मीटर चौड़ी सड़कों पर इच्छानुसार ऊंचाई तक इमारतों का निर्माण संभव होगा। साथ ही एफएआ (फ्लोर एरिया रेशियो) को तीन गुना तक बढ़ा दिया गया है, जिससे शहरों में ऊंचे भवनों को बढ़ावा मिलेगा।

SP_Singh AURGURU Editor