चाहर खाप का बड़ा संकल्प: गंगाराम पटेल की ऐतिहासिक हवेली का होगा जीर्णोद्धार, सामाजिक सुधारों का भी संकल्प
अकोला (आगरा)। चाहर खाप भारतवर्ष ने रविवार को अकोला स्थित गोपाल मैरिज गार्डन में आयोजित अहम बैठक में सामाजिक चेतना और विरासत संरक्षण की नई इबारत लिखी। इस ऐतिहासिक बैठक में जहां गांव-गांव जाकर जाट आरक्षण के लिए अभियान चलाने का निर्णय लिया गया, वहीं बैमन गांव स्थित स्व. गंगाराम पटेल की हवेली के जीर्णोद्धार की दिशा में भी बड़ा ऐलान किया गया।
इतिहास की स्मृति का सम्मान
बैठक की शुरुआत महाराजा सूरजमल और वीरवर रामकी चाहर की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन से हुई। तत्पश्चात अहमदाबाद विमान दुर्घटना में मारे गए लोगों को मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके बाद सिकंदरा विजय के नायक वीर रामकी चाहर की स्मृति में एक विशेष पोस्टर का विमोचन भी किया गया।
गंगाराम की हवेली को मिलेगा नया जीवन
बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि बैमन गांव स्थित ऐतिहासिक गंगाराम पटेल की हवेली का जीर्णोद्धार मुख्यमंत्री से आग्रह कर कराया जाएगा। यह हवेली चाहर समाज की विरासत और गौरव का प्रतीक मानी जाती है।
सामाजिक सुधारों के लिए जनजागरण अभियान
चाहर खाप भारतवर्ष ने सामाजिक सुधार के लिए भी बड़े निर्णय लिए। ये हैं-
मृत्युभोज, दहेज प्रथा, नशाखोरी जैसी कुरीतियों के विरुद्ध जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। गांव-गांव जाकर जाट आरक्षण की मांग को जन-जन तक पहुंचाने की रणनीति तय हुई। पनवारी कांड में जेल में बंद निर्दोषों की उच्च न्यायालय में कानूनी पैरवी की जाएगी।
वीर रामकी चाहर की प्रतिमा जल्द अकोला में
बैठक में यह भी तय हुआ कि सिकंदरा विजय के नायक रामकी चाहर की प्रतिमा शीघ्र अकोला में स्थापित की जाएगी। इससे युवा पीढ़ी को प्रेरणा और समाज को गौरव का अनुभव होगा।
खाप संरचना को मिली मजबूती
ठाकुर शैलेन्द्र सिंह चाहर और रूद्रगिरि जी महाराज को संरक्षक नियुक्त किया गया। एडवोकेट रणवीर सिंह चाहर को लीगल एडवाइजरी कमेटी का संयोजक बनाया गया। 21 सदस्यीय कोर कमेटी गठित कर उसे खाप संचालन समिति नाम दिया गया। आगरा किले में विजय दिवस आयोजन में सहयोग देने के लिए विधायक डॉ. जीएस धर्मेश का धन्यवाद प्रस्ताव भी सर्वसम्मति से पारित किया गया।
बैठक की अध्यक्षता तुलाराम ठेकेदार ने की और प्रवक्ता इंजीनियर यशपाल चाहर ने सफल संचालन किया। बैठक में मुख्य रूप से खाप के प्रधान संरक्षक दुलार सिंह बाबूजी, संयोजक डॉ सुरेश चाहर, भरत सिंह मैनेजर, तुलाराम ठेकेदार, तोरन सिंह चाहर, प्रवक्ता इंजी. यशपाल चाहर, मास्टर बीरी सिंह चाहर, दिगम्बर सिंह चाहर,कुशलपाल नादऊ, सहदेव हवलदार,रवि प्रधान, सत्यपाल पहलवान,बालकृष्ण हवलदार, अशोक चाहर,उदयवीर हवलदार,अशोक चाहर गड़सानी, रूप सिंह चाहर, शुभम चाहर,राहुल चाहर,संदेश चाहर, सहदेव चाहर बीडीसी, सुरेश मुखिया,मास्टर लालचंद चाहर, रविन्द्र चाहर एवं अन्य लोग मौजूद रहे।