भाजपा ने ऐसा पेंच फंसाया कि कई दावेदार स्वतः जिलाध्यक्ष पद की दौड़ से बाहर हो जाएंगे  

 आलोक कुलश्रेष्ठ आगरा। भाजपा नेतृत्व ने जिलाध्यक्ष पद के दावेदारों की भीड़ छांटने के लिए ऐसा पेंच फंसाया है कि जिलाध्यक्ष बनने की इच्छा पाले आधे से ज्यादा भाजपा नेता स्वतः रेस से बाहर हो जाएंगे। दरअसल पार्टी ने पार्टी ने जिलाध्यक्ष पद के नामांकन के साथ चार ऐसे प्रस्तावकों की अनिवार्यता कर दी है, जो वोटर की श्रेणी (मंडल अध्यक्ष और जिला प्रतिनिधि) में आते हैं। इस फैसले से दावेदारों में खलबली मच गई है। खबर यह भी है कि जिलाध्यक्ष पद के चुनाव को नामांकन सात से दस जनवरी के बीच होंगे।

Jan 6, 2025 - 20:17
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भाजपा ने ऐसा पेंच फंसाया कि कई दावेदार स्वतः जिलाध्यक्ष पद की दौड़ से बाहर हो जाएंगे   

-जिलाध्यक्ष पद के नामांकन के साथ चार प्रस्तावकों की है अनिवार्यता 

-प्रस्तावक का मतलब वोटर और ये मंडल अध्यक्ष और जिला प्रतिनिधि हैं

-ये सभी विधायकों की पसंद के हैं, इसलिए सभी विधायकों को साध रहे

पार्टी के इस फैसले से आगरा महानगर और आगरा जिला के जिलाध्यक्ष पद के कई दावेदारों के चेहरों पर मायूसी छा गई है। इधर गंभीर दावेदारों की ओर से की जा रही घेरेबंदी से पात्र वोटर्स भी दुविधा में आ चुके हैं। गंभीर दावेदार जब वोटर्स का समर्थन लेने पहुंच रहे हैं तो उन्हें क्षेत्रीय विधायक से संपर्क करने की बात कहकर टहला रहे हैं। इधर आज रात तक बाकी बचे मंडल अध्यक्षों की भी घोषणा होने की संभावना है।

15 जनवरी तक घोषित हो जाएंगे जिलाध्यक्ष

ठनात्मक चुनाव को लेकर लखनऊ में बीते दिन हुई बैठक में राष्ट्रीय नेतृत्व ने मंडल अध्यक्षों की घोषणा के साथ ही सात जनवरी से जिलाध्यक्षों के चुनाव की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही 15 जनवरी तक हर हाल में जिलाध्यक्षों की घोषणा करने को भी कहा है। बैठक में दावेदारों की भीड़ को कम करने के लिए जिलाध्यक्ष के नामांकन के लिए चार प्रस्तावकों की अनिवार्यता का फ़ार्मूला तय किया गया है। प्रदेश में सात से दस जनवरी के बीच जिलाध्यक्षों के लिए नामांकन होंगे।

बैठक में जिला चुनाव अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सात से दस जनवरी के बीच तिथि निर्धारित कर जिलों में नामांकन कराएं। साथ ही जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठकर जिलाध्यक्ष के नाम पर आम सहमति बनाने का प्रयास करें।

इसी क्रम में आगरा महानगर और जिला इकाई के अध्यक्षों के नामांकन की तिथि आजकल में घोषित होने की उम्मीद है। इधर नामांकन के लिए दावेदारों ने चार प्रस्तावकों की तलाश तेज कर दी है। उन्हें प्रस्तावकों को ढूंढ़ने में पसीने छूट रहे हैं।

विधायकों के इशारे का इंतजार

जिलाध्यक्ष के चुनाव में मंडल अध्यक्ष और जिला प्रतिनिधि वोटर होते हैं। हर मंडल में एक-एक जिला प्रतिनिधि है। आगरा महानगर में 22 मंडल हैं। गोपेश्वर मंडल को छोड़कर बाकी सभी 21 मंडलों में मंडल अध्यक्ष और जिला प्रतिनिधि घोषित हो चुके हैं। ज्यादातर मंडल अध्यक्ष क्षेत्रीय विधायकों की पसंद के हैं,  इसलिए दावेदारों की निगाह विधायकों के रूख पर टिक गई है। गंभीर दावेदार विधायकों को भी साधने में जुट गए हैं।

कुछ दावेदारों ने अपने नामांकन के लिए सीधे मंडल अध्यक्षों और जिला प्रतिनिधियों से संपर्क साधने का प्रयास किया तो उन्हें दो टूक कह दिया गया कि वे इस मामले में हमारे क्षेत्र के विधायक से बात करें। मंडल अध्यक्षों के इस रूख से कई दावेदार तो नामांकन से पहले हो दौड़ से बाहर होने का मन बनाने लगे हैं। इधर मंडल अध्यक्ष और जिला प्रतिनिधि अपने विधायक के इशारे का इंतजार कर रहे हैं।

SP_Singh AURGURU Editor