चुनावी मोड में बीजेपी,   पश्चिम बंगाल में अमित शाह ने जारी किया संकल्प पत्र,  कहा-'ये लोगों को नई आशा और भरोसा देगा'

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा भरोसा पत्र जारी कर दिया है। इस दौरान पार्टी चुनाव के बीच अपने प्रचार को मजबूत करने की कोशिश कर रही है।

Apr 10, 2026 - 17:58
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चुनावी मोड में बीजेपी,   पश्चिम बंगाल में अमित शाह ने जारी किया संकल्प पत्र,  कहा-'ये लोगों को नई आशा और भरोसा देगा'


कोलकाता। भारतीय जनता पार्टी शुक्रवार (10 अप्रैल 2026) को अपना घोषणापत्र जारी कर दिया है, जिसे भरोसे का शपथ पत्र नाम दिया गया है। इस पत्र को गृह मंत्री और बीजेपी नेता अमित शाह ने जारी किया है। इस मौके पर पार्टी का कहना है कि यह पश्चिम बंगाल के लोगों के लिए विश्वास का दस्तावेज है और इसमें जनता से जुड़े अहम वादे शामिल किए गए हैं। सभा के दौरान अमित शाह ने लोगों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि संकल्प पत्र लोगों को नया मार्ग दिखाएगा। बेरोजगार युवा और भय से त्रस्त महिलाओं को हिम्मत देगा। ये लोगों को नई आशा और भरोसा देगा। ये पत्र पीएम नरेंद्र मोदी के विकसित भारत का रोड मैप भी दिखाएगा। ये संकल्प पत्र निराशा से निकलने का रास्ता दिखाएगा।

भारतीय जनता पार्टी चुनाव से पहले पार्टी अपने प्रचार को मजबूत करने की कोशिश कर रही है और इसी के तहत यह घोषणापत्र जारी किया गया है। भाजपा इस चुनाव को भय बनाम विश्वास की लड़ाई के रूप में पेश कर रही है। पार्टी का आरोप है कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार डर के माहौल में काम कर रही है।

इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी राज्य सरकार पर निशाना साध चुके हैं। उन्होंने एक आरोप पत्र जारी कर ममता सरकार के खिलाफ कई मुद्दों को उठाया था, जिससे राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है। भाजपा अपने घोषणापत्र के जरिए जनता के सामने अपनी योजनाएं और वादे रखकर चुनावी मुकाबले को और तेज करने की कोशिश में है।

पश्चिम बंगाल में होने वाले चुनाव इस बार पहले से अलग तरीके से कराए जा रहे हैं। इस बार राज्य में 23 और 29 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि चुनाव के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे। यह चुनाव साल 2021 के विधानसभा चुनाव से काफी अलग है। उस समय मतदान 27 मार्च से 29 अप्रैल के बीच आठ चरणों में हुआ था, लेकिन इस बार कम चरणों में चुनाव कराया जा रहा है।जिससे पूरी प्रक्रिया जल्दी पूरी हो सके. साल 2021 के चुनाव की बात करें तो उस समय राज्य में करीब 7 करोड़ 30 लाख 40 हजार पंजीकृत मतदाता थे। इनमें से लगभग 82.3 प्रतिशत लोगों ने मतदान किया था, जो काफी ज्यादा भागीदारी मानी जाती है। इस बार भी राज्य की सत्ताधारी पार्टी ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस चुनाव मैदान में है। पार्टी की अगुवाई एक बार फिर ममता बनर्जी कर रही हैं, जो साल 2011 से लगातार पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री हैं।